Amour Assembly Constituency: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 11 नवंबर को अमौर विधानसभा सीट पर वोटिंग होगी। पूर्णिया जिले की इस मुस्लिम बहुल सीट पर एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला तय है, जहां जातिगत समीकरण के साथ-साथ विकास के मुद्दे निर्णायक साबित हो सकते हैं। अमौर विधानसभा सीट में तीन प्रमुख मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
जेडीयू से साबिर अली चुनावी मैदान में
अमौर सीट पर JDU ने साबिर अली को चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट से अभी ओवैसी की पार्टी AIMIM से अख्तरुल ईमान विधायक हैं। इस बार AIMIM ने अख्तरुल ईमान को फिर से उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर अब्दुल जलील मस्तान उम्मीदवार हैं।
लगभग 50 प्रतिशत है मुस्लिम वोटर
अमौर सीट पर मुस्लिम (लगभग 50%), यादव और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) वोटरों का दबदबा है, जो वोटिंग को प्रभावित करता है। इस सीट पर पिछली बार AIMIM उम्मीदवार ने चुनावी जीत दर्ज की थी।
2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM के उम्मीदवार की जीत
पिछले 2 बार के चुनावी नतीजों की बात करें तो 2020 के विधानसभा चुनाव में अमौर सीट से AIMIM के उम्मीदवार अख्तरुल ईमान ने जेडीयू के उम्मीदवार सबा जफर को हराया था। अख्तरुल ईमान को 94,459 वोट मिले थे। जेडीयू उम्मीदवार को 41,944 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर कांग्रेस से अब्दुल जलील मस्तान रहे थे। उन्हें सिर्फ 31863 वोट ही मिले थे।
2015 में कांग्रेस से अब्दुल जलील मस्तान की हुई थी जीत
2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल जलील मस्तान ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस उम्मीदवार को 100135 वोट मिले थे। भाजपा के उम्मीदवार सबा जफर को इस सीट पर 48138 वोट मिले थे।