बिहार में विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार 21 जुलाई से शुरू हो गया है। हालांकि, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में विपक्ष ने जबरदस्त हंगामा किया है। विपक्षी दलों ने विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण और कानून-व्यवस्था के मामले को लेकर हंगामा किया है। बिहार विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव जब संबोधन दे रहे थे उस दौरान भी विपक्ष के कई नेताओं ने नारेबाजी की। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही कल मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
बिहार के विधानमंडल का मानसून सत्र वर्तमान सरकार का अंतिम सत्र है। ये मानसून सत्र आने वाले 5 दिनों तक चलेगा। जानकारी के मुताबिक, मानसून सत्र में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार 12 विधेयक लाएगी। इनमें 4 मूल विधेयक और 8 संशोधन विधेयक होंगे। सरकार विधानसभा और विधान परिषद दोनों ही सदनों से इन विधेयकों को पास करवाकर कानून के रूप में लागू करेगी।
नीतीश सरकार ने बिहार विधानसभा और विधान परिषद में 57946.2541 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया है। विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने हिन्दू धार्मिक न्यास संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया है। इसके बाद शोक प्रस्ताव पेश हुआ जिसके बाद सदन की कार्यवाही कल मंगलवार को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के शुरू होने पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा- "आज से विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। हमारी मांग है कि विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा हो। बिहार लोकतंत्र का उद्गम स्थल है और अगर कोई यहां लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश करेगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम यह लड़ाई लड़ेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे गरीब अपने मताधिकार से वंचित न हों और उनका अस्तित्व मिट न जाए।"
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