Wednesday, February 11, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. बिहार
  3. 'ये विभाग तेजस्वी यादव के पास था', बिहार में 9 पुलों की जलसमाधि पर बोले नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी

'ये विभाग तेजस्वी यादव के पास था', बिहार में 9 पुलों की जलसमाधि पर बोले नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी

Reported By : Nitish Chandra Edited By : Khushbu Rawal Published : Jul 04, 2024 04:27 pm IST, Updated : Jul 04, 2024 04:31 pm IST

बिहार में एक के बाद एक पुल गिरने पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। आरजेडी इसका ठीकरा डबल इंजन की सरकार पर फोड़ रही है। जबकि जेडीयू इसकी जिम्मेदारी आरजेडी के नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सिर पर मढ़ रही है।

ashok chaudhary- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मंत्री अशोक चौधरी ने पुल गिरने की घटनाओं को लेकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है।

बिहार से लगातार निर्माणाधीन पुलों के गिरने की खबरें सामने आ रही हैं। अब पुलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसमें कहा गया है कि कोर्ट राज्य सरकार को निर्देश दे कि वो सभी निर्माणाधीन पुलों की जांच कराए। वहीं इस पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। आरजेडी इसका ठीकरा डबल इंजन की सरकार पर फोड़ रही है। जबकि जेडीयू इसकी जिम्मेदारी आरजेडी के नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सिर पर मढ़ रही है।

बिहार में लगातार पुल गिरने पर बोले मंत्री अशोक चौधरी

ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री अशोक चौधरी ने पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर हमला किया। उन्होंने कहा कि ये विभाग डेढ़ साल पहले राजद के पास था और तेजस्वी यादव इसके मंत्री थे। जब से जेडीयू के पास यह विभाग आया, उसके बाद चुनाव था। तब 20 दिन का समय मिला। तो आप बताइए कि कौन इसका जिम्मेदार है? जिम्मेवारी 20 दिन वाली पार्टी की है या डेढ़ साल से जिसके पास विभाग था उसकी?

पुलों के मेंटेनेंस के लिए लाई जा रही पॉलिसी

पुल के मेंटेनेंस को लेकर उन्होंने बताया, हमारी सरकार पुलों की मेंटेनेंस पॉलिसी लाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अलग-अलग विभाग से कहा है कि वो पुलों को लेकर मेंटेनेंस पॉलिसी लाएं। इसके तहत पुराने और निर्माणाधीन पुल की जांच की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री सेतु योजना, जो साल 2016 में बंद हो गई थी, उसे फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। पुलों के गिरने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि कई जगहों पर नदी का रूट बदल गया, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हुईं। कई जगहों पर सेंटरिंग गिरने के कारण इस तरह की घटनाएं हुई।

अशोक चौधरी ने कहा, जो ठेकेदार इस प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे थे, उन पर लापरवाही के चलते सरकारी धन के दुरुपयोग के तहत एक्शन लिया जाएगा। उन पर एफआईआर का प्रावधान नहीं है, लेकिन अगर इस तरह की घटना होगी तो सरकार निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी।

बिहार में 20 दिनों में 9 पुल गिरे

बता दें, पिछले करीब 20 दिनों में बिहार में कुल 9 पुल गिर गए हैं। बुधवार को सीवान जिले में दो और सारण में एक पुल गिर गया। इसके कुछ दिन पहले मधुबनी जिले के झंझारपुर में निर्माणाधीन पुल का बीम गिर गया। यह करीब तीन करोड़ की लागत से बनाया जा रहा था।

बकरा नदी के ऊपर 12 करोड़ की लागत से बन रहा पुल भी ढह गया। इसके कुछ ही दिन बाद सीवान की गंडकी नदी पर बन रहे पुल के धराशायी होने का मामला सामने आया। फिर पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन पुल भी गिर गया। किशनगंज में कंकई और महानंदा नदी को जोड़ने वाली नदी पर बने रहे पुल के भी गिरने का मामला सामने आया था। इनके अलावा पंचायत स्तर पर भी कई पुल गिर चुके हैं।

यह भी पढ़ें-

Bihar: सीवान में एक ही दिन में ढह गए दो पुल, 10 दिन पहले भी धवस्त हो गया था एक ब्रिज

अज्ञात अपराधियों ने 3 साल की बच्ची के सीने में मारी गोली, फायरिंग की आवाज सुन दौड़े माता-पिता

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement