बिहार की राजनीति में जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को लेकर घमासान जारी है। पिछले कुछ समय से उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के खिलाफ खूब बयानबाजी कर रहे हैं। इस बीच, अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर वह रोज बोल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वह कहीं और विचार कर रहे हैं।
'ऐसी बातों पर ध्यान देने की जरुरत नहीं है'
उपेंद्र कुशवाहा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "हमने उन्हें सम्मान दिया, फिर जाने क्या हुआ। हमने तीसरी बार उन्हें अपनी पार्टी में स्वीकार किया, वह जो बोलना चाहते हैं, बोल सकते हैं। अगर आप रोज बोलेंगे तो इसका मतलब है कि आपकी राय हमसे अलग है।" नीतीश ने कहा, "ऐसी बातों पर ध्यान देने की जरुरत नहीं है। हमने उन्हें इतना दिया, उन्हें विधायक और पार्टी नेता बनाया फिर वह चले गए, लेकिन फिर आए और हमने उन्हें राज्यसभा सांसद बनाया, वह फिर गए और तीसरी बार वापस आए और कहा कि वह पार्टी में बने रहेंगे।"
'हमने उन्हें पार्टी में तीसरी बार शामिल किया'
नीतीश ने कहा, "दो बार पार्टी से भागने के बाद भी हमने उन्हें पार्टी में तीसरी बार शामिल किया। अगर किसी को पार्टी छोड़कर जाना है, तो जाने दीजिए। पार्टी को कुछ नहीं होगा। अगर आप रोज कुछ बोलेंगे इसका मतलब आप कहीं और विचार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा तीसरी बार जेडीयू में आकर पार्टी कमजोर होने का बयान दे रहे हैं, जबकि पार्टी में सदस्यों की तादाद पहले से अधिक बढ़ी है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को कुशवाहा का खुला पत्र
गौरतलब है कि उपेंद्र कुशवाहा रविवार को नीतीश कुमार के खिलाफ खुले विद्रोह पर उतर आए और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक खुला पत्र जारी कर राजद के साथ एक खास डील पर विमर्श के लिए लिए आमंत्रित किया। कुशवाहा उस समय से नाराज चल रहे हैं, जब बिहार के मुख्यमंत्री कुमार ने उन्हें अपना दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया था।
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