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खुद को RAW अधिकारी बताकर बेरोजगारों को बांटते थे फर्जी नौकरी, जानिए ये ठग कैसे बनाते थे शिकार

 Written By: Sudhanshu Gaur
 Published : Apr 29, 2023 09:13 pm IST,  Updated : Apr 29, 2023 09:24 pm IST

तीनों आरोपियों ने बताया कि वो एक-दूसरे को रक्षा मंत्रालय के अधीन बताते थे और बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाते थे। वे उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और रकम ऐंठते थे।

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गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में आरोपी Image Source : TWITTER

गाजियाबाद: आपने अक्षय कुमार की फिल्म स्पेशल 26 देखी होगी। इसमें आपने देखा होगा कि कैसे कुछ लोग खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर कई लोगों को फर्जी नियुक्ति करते हैं। कुछ ऐसी ही नौकरी देने वालों की गैंग को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह लोग खुद को रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत RAW का बड़ा अधिकारी बताते थे और बेरोजगार लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बनाते थे। 

गाजियाबाद पुलिस ने रॉ एजेंट बनकर नौकरी लगवाने के नाम पर फ्रॉड करने वाले तीन लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय की कई फर्जी मिली हैं। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया, पकड़े गए आरोपी अनिकेत दत्ता निवासी पश्चिम बंगाल, मुकुल वर्मा, अभिषेक शर्मा निवासी गाजियाबाद हैं। पूछताछ में अनिकेत दत्ता ने बताया कि वो खुद को रक्षा मंत्रालय की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग में तैनात होना बताता था। अनकेत से हरविंदर सिंह नाम की आईडी भी मिली है, जिस पर उसे भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर बताया हुआ है। भारतीय थलसेना लिखा हुआ फर्जी ऑफर लेटर भी आरोपियों से बरामद हुआ है।

नौकरी लगवाने का झांसा देकर ऐंठते थे पैसे 

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि वो एक-दूसरे को रक्षा मंत्रालय के अधीन बताते थे और बेरोजगारों को अपने जाल में फंसाते थे। वे उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और रकम ऐंठते थे। कई बार वो ऐसे बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा देते थे। इस गिरोह में मुकुल वर्मा का काम अपने लैपटॉप पर फर्जी आईडी और फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना होता था। अभिषेक शर्मा ऐसे लोगों को ढूंढता था, जो नौकरी की तलाश में भटक रहे होते हैं। जब ऐसे बेरोजगार मिल जाते थे तो वो उनकी मुलाकात अनिकेत दत्ता से कराता था। अनिकेत दत्ता खुद को बड़ा अधिकारी बताकर उन लड़कों के इंटरव्यू लेता था। 

अब तक कर चुके हैं 12 लोगों को ठगी का शिकार 

ये तीनों प्रत्येक बेरोजगार से करीब सवा लाख रुपए लेते थे। आरोपियों ने अभी तक 12 लड़कों से ठगी करने की बात कुबूली है। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों न्यू पंचवटी कॉलोनी निवासी रविपाल और उनके साले मुकेश आर्य ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार कर सेना व रेलवे में नौकरी के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपए ठगने का मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस ने इस केस की जांच-पड़ताल शुरू की और गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल हुई।

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