सत्येंद्र जैन का तिहाड़ जेल वाला वीडियो किसने किया लीक? कोर्ट ने ED को भेजा नोटिस

तिहाड़ जेल का वीडियो लीक होने को लेकर सत्येंद्र जैन की लीगल टीम ने ईडी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सत्येंद्र जैन की कानूनी टीम ने ईडी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग करते हुए स्पेशल कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

Malaika Imam Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
Published on: November 20, 2022 7:20 IST
सत्येंद्र जैन मसाज वीडियो लीक मामला- India TV Hindi
Image Source : ANI सत्येंद्र जैन मसाज वीडियो लीक मामला

दिल्ली की तिहाड़ जेल से मंत्री सत्येंद्र जैन का वीडियो वायरल होने को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को नोटिस जारी किया है। अब ईडी को कोर्ट को बताना होगा कि मीडिया फर्मों को तिहाड़ जेल के लीक हुए फुटेज कैसे मिले। जैन की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया है कि ईडी ने फुटेज लीक किया। ईडी ने कोर्ट में दिए गए हलफनामे के बावजूद सीसीटीवी वीडियो लीक किया है। 

अदालत ने जांच एजेंसी से यह भी पूछा कि फुटेज किसने लीक किया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने ईडी को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख तय की है। बात दें कि वीडियो लीक होने को लेकर सत्येंद्र जैन की लीगल टीम ने ईडी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सत्येंद्र जैन की कानूनी टीम ने ईडी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग करते हुए स्पेशल कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

क्या है मामला?

ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की, जिसमें इफको के एमडी उदय शंकर अवस्थी, ज्योति ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन के प्रमोटर पंकज जैन और रेयर अर्थ ग्रुप, दुबई, अमरेंद्र धारी सिंह और अन्य शामिल थे। मामले में सत्येंद्र जैन को भी आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने उन पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार करने का आरोप लगाया था। 

ईडी को जांच में पता चला कि इफको में अवस्थी और अन्य ने अपराध की आय (पीओसी) उत्पन्न की और इसे विभिन्न असंबंधित संस्थाओं के माध्यम से स्तरित किया और पीओसी का हिस्सा तब उनके द्वारा नियंत्रित संस्थाओं को स्थानांतरित कर दिया गया। आरोपों में भारत के बाहर पंजीकृत कई संस्थाओं (आरोपी व्यक्तियों की ओर से नियंत्रित) के माध्यम से नकली वाणिज्यिक लेन-देन के एक जटिल वेब के माध्यम से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से अवैध कमीशन प्राप्त करना शामिल है, ताकि धोखाधड़ी वाले लेन-देन को वास्तविक रूप में दिखाया जा सके।

राज्य सरकारों के हिस्सेदार

ईडी ने कहा, "अवस्थी (अमोल अवस्थी और अनुपम अवस्थी के पिता) और परविंदर सिंह गहलौत (विवेक गहलौत के पिता) इफको के प्रबंध निदेशक और आईपीएल के निदेशक (यूएस अवस्थी) और आईपीएल के प्रबंध निदेशक (परविंदर सिंह गहलौत) के रूप में अपनी स्थिति के आधार पर उर्वरक उद्योग में काफी प्रभाव डालते हैं। उनके बेटों के माध्यम से उन्हें कमीशन का भुगतान इफको और आईपीएल के खजाने से होता है और यह इफको और आईपीएल के शेयरधारकों के साथ धोखाधड़ी है, जिसमें कई राज्य विपणन संघ शामिल हैं, जिसमें विभिन्न राज्य सरकारों के हिस्सेदार हैं।

ईडी को जांच के दौरान यह भी पता चला कि अवैध तरीकों से भारत में जैन की ओर से 37.12 करोड़ रुपये और 6.18 मिलियन अमरीकी डालर की राशि प्राप्त की गई थी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने जैन के बिजनेस पार्टनर एडी सिंह और आलोक कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया था, जिनके साथ उसके व्यापारिक संबंध थे। एडी सिंह ने अवैध तरीकों से दुबई से 27.79 करोड़ रुपये भी प्राप्त किए थे। जैन और सिंह दोनों ने भारत में अपराध की आय प्राप्त करने के लिए अग्रवाल की ओर से प्रदान किए गए वाहन का उपयोग किया है। ईडी ने छह आरोपियों के खिलाफ 2021 में एक विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत भी दर्ज की थी।

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