Monday, January 26, 2026
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राजस्थान में तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं में बड़ा फर्जीवाड़ा, SOG ने किया खुलासा; RSSB टेक्निकल चीफ समेत पांच गिरफ्तार

राजस्थान में तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं में बड़े फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश किया गया है। एसओजी ने इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल प्रमुख सहित पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है।

Reported By : Manish Bhattacharya Edited By : Akash Mishra Published : Jan 20, 2026 04:47 pm IST, Updated : Jan 20, 2026 04:56 pm IST
सांकेतिक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो

राजस्थान से बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वर्ष 2018 की तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप यानी एसओजी ने इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल प्रमुख सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, राजस्थान विशाल बंसल के अनुसार, सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा-2018 और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के परिणामों को जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से दूषित किया गया।

9 लाख 40 हजार 38 अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

इन तीनों भर्ती परीक्षाओं के तहत कुल 3212 पदों के लिए करीब 9 लाख 40 हजार 38 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इन तीनों परीक्षाओं का आयोजन वर्ष 2019 में किया गया था। वहीं, परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग और डेटा प्रोसेसिंग का गोपनीय कार्य एक आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली को सौंपा गया था। 

जांच में क्या आया सामने?

जांच में सामने आया कि आउटसोर्स फर्म के कर्मचारियों ने ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग के बाद कंप्यूटर सिस्टम में मौजूद वास्तविक डेटा से छेड़छाड़ की। चुनिंदा अभ्यर्थियों के अंकों में कूट-रचना के जरिए अनुचित बढ़ोतरी की गई, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों को चयनित कराया गया।

फोटोशॉप के जरिए बढ़ाए अंक? 

एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने ओएमआर शीट्स की स्कैन कॉपी में फोटोशॉप के माध्यम से सही उत्तर जोड़कर अभ्यर्थियों के अंक कृत्रिम रूप से बढ़ाए। उदाहरण के तौर पर, एक अभ्यर्थी को वास्तविक रूप से लगभग 63 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन फर्जीवाड़े के जरिए उसे 182 अंक दर्शाए गए। इसी तरह कई अन्य अभ्यर्थियों के 30 से 50 अंकों को बढ़ाकर 185 से अधिक अंक दिखाए गए।

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