सनी देओल और अमीषा पटेल की 'Gadar 2' की रिलीज से पहले छाए हैं 'गदर' के ये 10 दमदार डायलॉग्स
सनी देओल और अमीषा पटेल की 'Gadar 2' की रिलीज से पहले छाए हैं 'गदर' के ये 10 दमदार डायलॉग्स
Written By: Akanksha Tiwari@akankshamini
Published : Mar 02, 2023 09:45 pm IST,
Updated : Mar 03, 2023 06:27 am IST
सनी देओल, अमीषा पटेल, उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर की फिल्म 'गदर 2' की रिलीज डेट जब से सामने आई है तब से फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म 11 अगस्त, 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।
Image Source : INSTAGRAM/IAMSUNNYDEOL
10 hitting and powerful dialogues of sunny deol
बॉलीवुड के दमदार एक्टर सनी देओल (Sunny Deol) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'गदर 2' (Gadar 2) की वजह से सुर्खियों में हैं। सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म 'गदर' साल 2001 में रिलीज हुई थी, जिसके 22 साल बाद एक बार फिर दर्शक सनी देओल का धमाकेदार एक्शन देखने को बेकरार हैं। सनी देओल की फिल्म 'गदर' की न सिर्फ कहानी दर्शकों को पसंद आई थी बल्कि इस फिल्म के गाने और डायलॉग तक दर्शकों के पसंदीदा बन गए थे। आज भी 'गदर' के डायलॉग लोगों की जुबां पर हैं। यहां हम 'गदर 2' की रिलीज से पहले आपके लिए लाए हैं 22 साल पुरानी 'गदर' के वो दस दमदार डायलॉग जो फेमस हैं।
'Gadar' के 10 जबरदस्त डायलॉग्स
एक कागज पर मोहर नहीं लगेगी तो क्या तारा पाकिस्तान नहीं जाएगा? मुझे मेरे बच्चे को उसकी मां से मिलाने से कोई ताकत, कोई सरहद नहीं रोक सकती।
अशरफ अली! आपका पाकिस्तान जिंदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज नहीं लेकिन हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद था और जिंदाबाद रहेगा!
बाप बनकर बेटी को विदा कर दीजिए। इसी में सबकी भलाई है, वरना अगर आज ये जट बिगड़ गया तो सैकड़ों को ले मरेगा।
दुनिया जानती है कि बंटवारे के वक्त हम लोगों ने आप लोगों को 65 करोड़ रुपये दिए थे तब जाकर आपके छत पर तिरपाल आई थी। बरसात से बचने की हैसियत नहीं और गोलीबारी की बात कर रहे हैं आप लोग!
अगर मैं अपने बीवी-बच्चे के लिए सिर झुका सकता हूं, तो मैं सबके सिर काट भी सकता हूं।
इस मुल्क से ज्यादा मुसलमान हिन्दुस्तान में हैं। उनके होंठ और दिलों की धड़कनें हमेशा यही कहती हैं 'हिन्दुस्तान जिंदाबाद'। तो क्या वो पक्के मुसलमान नहीं हैं?
आदमी का सबसे बड़ा मजहब है अपनी बीवी और बच्चों की हिफाजत करना।
ये मुल्क है कोई खेत का टुकड़ा नहीं, जो यूं ही बंट जाएगा।
जिंदगी कितनी ही बेरहम क्यों न हो, जीना तो पड़ता है मैडम जी, जीना तो पड़ता है।
मुझ गरीब पर रहम तुमने क्या किया, जो कुछ था मेरे पास सब लूट लिया।