रानी मुखर्जी इन दिनों अपनी फिल्म 'मर्दानी 3' का प्रमोशन कर रही हैं और उनकी फिल्म 30 जनवरी यानी शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। आज फिल्म रिलीज से ठीक एक दिन पहले रानी मुखर्जी इंडिया टीवी के ऑफिस पहुंची और यहां अपने करियर 30 सालों के अनुभव को शेयर किया। साथ ही उन्होंने अपनी उन फिल्मों पर भी खुलकर बात की जिन्होंने उनके जहन पर गहरी छाप छोड़ी। इनमें से रानी ने साल 2005 में आई एक ऐसी फिल्म पर भी चर्चा की जिसमें उन्होंने 1 भी डायलॉग नहीं बोला था। फिर भी ये फिल्म देखकर पब्लिक सन्न रह गई थी। इतना ही नहीं इस फिल्म में रानी के सामने अमिताभ बच्चन भी कई सीन्स में फीके पड़ गए थे। ये फिल्म थी डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की 'ब्लैक'। इस फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ अमिताभ बच्चन नजर आए थे और ये उनके करियर में एक खास तरह की कहानी रही थी। फिल्म में रानी ने एक ऐसी लड़की का रोल प्ले किया था जो न देख सकती है, न सुन सकती है और न ही बोल सकती है।
फिल्म के लिए 6 महीने की थी ट्रेनिंग
फिल्म में रानी मुखर्जी ने एक भी डायलॉग नहीं बोला था लेकिन उन्होंने अपनी एक्टिंग से ऐसा कमाल किया था कि ये फिल्म उनके करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों की लिस्ट में जा गिरी। रानी मुखर्जी ने इंडिया टीवी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने 6 महीने तक इस फिल्म के लिए साइन लैंग्वेज सीखी थी। रानी बताते हैं, 'मैंने इस फिल्म के लिए 6 महीने तक साइन लैंग्वेज सीखने के प्रयास किए थे। मेरे डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की एक असिस्टेंट थीं जिनका नाम था सुनीता, उन्होंने मुझे साइन लैंग्वेज सिखाई थी। वे खुद भी सुन नहीं सकती थी। साथ ही इसके लिए संजय ने मुझे एनी बेसेंट स्कूल के बच्चों से भी मिलवाया था।' रानी मुखर्जी ने इस फिल्म के लिए खूब मेहनत की थी और उनकी मेहनत रंग भी लाई थी। इस फिल्म के लिए रानी मुखर्जी ने बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी अपने नाम किया था।
कई सीन्स में अमिताभ बच्चन से भी हटी थी नजरें
अमिताभ बच्चन सिनेमाई और एक्टिंग की दुनिया के सुपरस्टार कहे जाते हैं लेकिन फिल्म ब्लैक में रानी भी उनसे पीछे नहीं रही थी। फिल्म की कहानी मिशेल मैकनेली की थी जिसे रानी मुखर्जी ने प्ले किया था। जो एक एंग्लो इंडियन परिवार में पैदा हुई थी और शिमला रहती थी। उसकी जिंदगी काफी मुश्किलों से भरी थी क्योंकि न देख सकती थी और न ही सुन-बोल सकती थी। जब वो बड़ी होती है तो तमाम दुख भरे अनुभवों को झेलती रहती है। लेकिन एक समय के बाद उसकी जिंदगी में आते हैं अमिताभ बच्चन जिन्होंने देबराज सहाय नाम के एक शिक्षक की भूमिका निभाई थी जो दिव्यांग बच्चों को पढ़ाते हैं। यहीं से दोनों की जिंदगी बदल जाती है और कई ऐसे सीन्स भी रहे थे जिनमें रानी मुखर्जी और अमिताभ बच्चन साथ लेकिन लोगों की नजर रानी पर टिकी रही थी। फिल्म में रानी की दमदार एक्टिंग थी और आज भी उनके करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है।