दिल्ली-NCR की हवा, सर्दियां आने के साथ जहरीली हो रही है। स्थिति ऐसी है कि आने वाले दिनों में अनुमान है कि एयर क्वालिटी धीमे-धीमे खराब हो सकती है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप अपने फेफड़ों को इनके नुकसानों से बचाने के लिए तैयार कर लें। दरअसल, खराब एयर क्वालिटी फेफड़ों की कई बीमारियों को ट्रिगर कर सकती है। ये न सिर्फ अस्थमा और निमोनिया का कारण बन सकती है बल्कि, ये लंबे समय तक रहने वाले कफ एंड कोल्ड की समस्या भी दे सकती है। तो, इन तमाम स्थितियों से बचने के लिए आप बॉक्स ब्रीदिंग एक्सरसाइज (box breathing exercise) की मदद ले सकते हैं। तो, जानते हैं क्या है ये, कैसे करना है और फायदे।
बॉक्स ब्रीथिंग, एक गहरी सांस लेने की तकनीक है जो आपकी सांस को धीमा करने में मदद कर सकती है। बॉक्स ब्रीदिंग एक सरल लेकिन शक्तिशाली रिलैक्सिंग तकनीक है जो आपके श्वास पैटर्न को आरामदायक लय में वापस लाने में मदद कर सकती है। ये फेफड़ों को पूरी तरह से इस्तेमाल करने में मदद करता है और इसकी क्षमता बढ़ाकर, फेफड़ों को मजबूती देने में मददगार है। इसे करना बेहद आसान है। जैसे
-पहले एक कुर्सी पर बैठें या अपनी पीठ के बल लेटें। एक हाथ अपनी छाती पर और एक हाथ अपने पेट पर रखें। जब आप कुर्सी पर बैठें तो सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ को सहारा मिले और आपके पैर मजबूती से फर्श पर हों।
-एक मिनट तक सामान्य रूप से सांस लें।
- अब पहले धीरे-धीरे चार तक गिनते हुए सांस अंदर लें। महसूस करें कि हवा आपके फेफड़ों में प्रवेश कर रही है।
-4 सेकंड के लिए अपनी सांस रोकें। 4 सेकंड तक सांस लेने या छोड़ने से बचने की कोशिश करें।
-4 सेकंड के लिए धीरे-धीरे अपने मुंह से सांस छोड़ें।
-लगभग 20 मिनट तक इसे लगातार करें।

बॉक्स ब्रीदिंग हाइपरवेंटिलेशन को नियंत्रित करने में मदद करता है क्योंकि आप अपने फेफड़ों को लयबद्ध रूप से सांस लेने का निर्देश देते हैं। इससे आपके फेफड़ों की ताकत बढ़ती है। साथ ही जब आपका दिन व्यस्त या तनावपूर्ण हो तो यह आपको दोबारा ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। ये घबराहट और चिंता को कम करता है।
जब आप इसे करते हैं तो ये आपके दिमाग को साफ और शांत कर सकता है, जिससे आपका फोकस बेहतर हो सकता है। जब आप चार तक गिनती गिनते हुए इसे करते हैं तो यह आपके दिमाग का ध्यान भटकाता है, आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और आपके शरीर में तनाव को कम करता है। इसके अलावा इनसोम्निया की समस्या से भी ये बचाव में मददगार है जिसस नींद से जुड़ी समस्या में कमी आती है।
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