आयुर्वेद में मुलेठी का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है, जो कई तरह की बीमारियों को ठीक करने में कारगर है। इसमें कैल्शियम, एंटी ऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक और प्रोटीन के तत्व पाए जाते हैं। डायबिटीज के मरीज शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी-डायबिटिक गुणों से भरपूर होने के कारण ये ब्लड में शुगर लेवल को मेंटेन रखने में मदद कर सकती है।

मुलेठी की जड़ों को सुखाकर इसका पाउडर तैयार किया जाता है। इसमें नेचुरल मिठास होती है, जिसके कारण मिठाइयों या अन्य पकवानों में भी मुलेठी के पाउडर को डालकर खाया जाता है। शुगर पेशेंट भी इसे खाने की चीजों जैसे दही या सलाद में डालकर खा सकते हैं। बहुत से लोग मुलेठी से बनी चाय पीना भी पसंद करते हैं।
इसके अलावा आप चाहें तो एक गिलास गुनगुने पानी में मुलेठी का पाउडर मिलाकर पी सकते हैं, इससे भी शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।
नोट - ध्यान रहे कि सर्दियों में मुलेठी का बहुत ज्यादा सेवन ना करें, इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेदिक नुस्खों के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इनके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
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