देश में इस बार होली की तैयारी ज़ोर शोर से चल रही है। बाजार रंगो और अबीर गुलाल से सजे पड़े हैं। ढोल की थाप और होली के गानों पर थिरकने का इंतजार है क्योंकि कोरोना के साए में 2 साल जश्न से दूर रहे लोग होली के हुड़दंग के लिए तैयार हैं। काशी विश्वनाथ और वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में तो होली खेलना शुरू भी हो चुका है। हर तरफ खुशी का माहौल और रंगो की बौछार है। लेकिन इस मौके पर उन लोगों की खुशी थोड़ी फीकी है जो माइग्रेन के शिकार हैं। बदलता मौसम उनके लिए बड़ी परेशानी है। मौसम में बदलाव माइग्रेन को ट्रिगर करता है। सूरज की तेज रोशनी और बढ़ा हुआ तापमान मरीज़ों को दर्द देता है और वेदर रिपोर्ट की माने तो होली पर गर्मी और बढ़ेगी।
सिर्फ गर्मी ही नहीं और भी कई वजह हैं जो माइग्रेन को बढ़ाती हैं भूखे रहने पर सिरदर्द शुरु हो जाता है नींद पूरी ना हो या फिर ज्यादा सोने पर भी हेडेक होने लगता है। कुछ लोगों के लिए तेज खुशबू और यहां तक कि कम पानी पीना भी सिर के भारीपन की वजह बन जाता है। माइग्रेन को ट्रिगर करने वाली वजह जितनी कॉमन है दर्द उतना ही खतरनाक है। कई बार ये दर्द 1 घंटे से लेकर 1 हफ्ते तक बना रह सकता है। एक रिसर्च के मुताबिक दुनिया का हर 7वां शख्स इससे परेशान है तो वहीं भारत में 15 करोड़ लोग माइग्रेन के शिकार हैं जो पिछले 30 साल में दोगुना हो गए है।
लेकिन योग करके रोज़ पसीना बहाया जाए तो सिर्फ माइग्रेन ही नहीं बल्कि क्लस्टर हेडेक, साइनस हेडेक , ग्रैस्ट्रिक हेडेक और सर्वाइकल हेडेक जैसे 150 किस्म के सिरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं क्योंकि एक्सराइज़ या योग करने से एंडोर्फिन हॉर्मोन रिलीज होता है, जो बॉडी के लिए नेचुरल पेनकिलर और स्ट्रेस बस्टर है। ऐसे में बिना दवा कैसे सिरदर्द से मुक्ति पाएं जानिए स्वामी रामदेव से।
माइग्रेन के लक्षण
माइग्रेन की समस्या से निजात पाने के लिए योगासन
त्राटक
त्राटक क्रिया द्वारा आप आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा पा सकते हैं। त्राटक आप चंद्रमा को देखकर, दीपक या फिर मोमबत्ती के अलावा किसी बिंदु को देखकर कर सकते हैं। सबसे पहले एक एकांत और शांत जगह चुने। इसके बाद आंखों के बिल्कुल सामने थोड़ी दूर दीपक रखें। किसी भी आसन में आराम से बैठ जाएं। सिर, गर्दन, पीठ को सीधा रखें। अंधेरे में ध्यान की मुद्रा केंद्रित करें। आंखों को बराबर दीपक में लाएं। दीपक की रोशनी में ध्यान दें। इसे तब तक देखते रहें जब तक आपकी आंखे थक न जाए। पलक न झपकने दें। इसके बाद आंखे बंद कर लें। फिर अपनी आंखों को ठंडे पानी से धो लें। इसे आप रोजाना या सप्ताह में 1-2 बार कर सकते हैं।
शीर्षासन
सर्वांगासन
सूक्ष्म व्यायाम
सूर्य नमस्कार
अर्द्ध चक्रासन
मकरासन
भुजंगासन
धनुरासन
मर्कटासन
पवनमुक्तासन
नौकासन
माइग्रेन से निजात पाने के लिए ये प्राणायाम है कारगर
भस्त्रिका
इस प्राणायाम को 3 तरह से किया जाता है। पहले में 5 सेकंड में सांस ले और 5 सेकंड में सांस छोड़े। दूसरे में ढाई सेकंड सांस लें और ढाई सेकंड में छोड़ें। तीसरा तेजी के साथ सांस लें और छोड़े। इस प्राणायाम को लगातार 5 मिनट करें।
कपालभाति
इस प्राणायाम को 5 से 10 मिनट करें। हर 5 मिनट के बाद 1 मिनट आराम करें। कफ , सर्दी, जुकाम, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, कैंसर, टीबी, हाइपरटेंशन, अस्थमा, खून की कमी, बीपी, हार्ट के ब्लॉकेज सहित कई बीमारियों से दिलाएं निजात।
अनुलोम-विलोम
सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाएं नाक पर रखें और अंगूठे को दाएं वाले नाक पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाएं नाक की ओर से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाएं नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 5 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम
इस प्राणायाम को करने के लिए पहले सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब अंदर गहरी सांस भरते हैं। सांस भरकर पहले अपनी अंगूलियों को ललाट में रखते हैं। जिसमें 3 अंगुलियों से आंखों को बंद करते हैं। अंगूठे से कान को बंद कते हैं। मुंह को बंदकर 'ऊं' का नाद करते हैं। इस प्राणायाम को 3-21 बार किया जा सकता है।
उद्गीथ प्राणायाम
इस प्राणायाम को करने के लिए पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं और शांत मन से 'ऊं' के उच्चारण करते हैं। इस प्राणायाम को करने से पित्त रोग, माइग्रेन, धातु रोग, उच्च रक्तताप जैसे रोगो से निजात मिलता है।।
शीतली प्राणायाम
सबसे पहले आराम से रीढ़ की हड्डी सीधी करके बैठ जाएं। इसके बाद जीभ को बाहर निकालकर सांस लेते रहें। इसके बाद दाएं नाक से हवा को बार निकालें। इस प्राणायाम को 5 से 10 मिनट तक कर सकते हैं।
शीतकारी प्राणायाम
इस प्राणायाम में होंठ खुले, दांत बंद करें। दांत के पीछे जीभ लगाकर, दांतो से धीमे से सांस सांस अंदर लें और मुंह बंद करें। थोड़ी देर रोकने के बाद दाएं नाक से हवा बाहर निकाल लें और बाएं से हवा अंदर लें।
माइग्रेन की समस्या से निजात दिलाएंगे ये एक्यूप्रेशर प्वाइंट
संपादक की पसंद