लो बीपी को मेडिकल टर्म्स में 'हाइपोटेंशन' कहा जाता है। यह तब होता है जब बल्ड प्रेशर सामान्य से काफी कम हो जाता है। इस स्थिति में हार्ट, ब्रेन और बॉडी के दूसरे पार्टस् में पार्याप्त बल्ड नहीं पहुंच पाता है। अगर किसी व्यक्ति के ब्लड प्रेशर की रीडिंग 90 और 60 से कम है तो वह लो बीपी वाले लोगों की श्रेणी में आता है। डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल अक्सर अनियमित रहता है। कभी उनका ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है, तो कभी हाई। ऐसे में इसे कंट्रोल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। क्योंकि, शरीर के लिए ये दोनों स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा ये समस्या किसी स्वस्थ व्यक्ति को भी हो सकती है।
लो बल्ड प्रेशर की समस्या के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। इनमें चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, धुंधला दिखाई देना, उल्टी जैसा लगना, थकान होना, ध्यान लगाने में परेशानी होना, हाथ-पैर ठंडे होना, चेहरा सफेद पड़ना, सांस लेने में दिक्कत होना और खाने में परेशानी होना शामिल है।
नोट- ऊपर दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है। इसमें किसी डॉक्टर की सलाह नहीं ली गई है। ज्यादा जानकारी के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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