खराब खानपान और लााइफस्टाइल के कारण कई बीमारियों का जन्म होता है इन्हीं में से एक है ब्लड शुगर। इस रोग को कंट्रोल करने के लिए योग काफी कारगर साबित हो सकता है। योग के द्वारा आप नैचुरल तरीके से डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। योगासन करने से सिर्फ ब्लड शुगर ही नहीं कंट्रोल होगा बल्कि कई अन्य जानलेवा बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।
स्वामी रामदेव के अनुसार अगर आपने ब्लड शुगर को अनदेखा किया तो यह आगे चलकर किसी खतरनाक बीमारी का कारण भी बन सकता है। जब शरीर में शुगर लेवल बढ़ता है तो किडनी, हार्ट, ब्लड प्रेशर या फिर आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत हो जाती है। इसके साथ ही डायबिटीज के कारण पूरा शरीर खोखला हो जाता है। हाथ, कंधे आदि जमने लगते हैं। यानी उनका सुचारू रूप से मूवमेंट करने में काफी दर्द होता है। जानिए स्वामी रामदेव से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए योगासन, प्राणायाम और घरेलू उपायों के बारे में।
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स्वामी रामदेव के अनुसार डायबिटीज के मरीज पहले प्राणायाम करें। इसके बाद आरप योगासन करें। इससे आपको दोगुना लाभ मिलेगा।
भस्त्रिका
इस प्राणायाम को करने से पूरे शरीर में ऑक्सीजन का ठीक ढंग से प्रवाह होता है। जिससे आपको डायबिटीज के साथ-साथ कई अन्य बीमारियों से भी निजात मिल जाएगा। इसे 1 मिनट से शुरू करके करीब 3 मिनट तक करें।
कपालभाति
इस प्राणायाम को करने से पैंक्रियाज के बीटा सेल्स दोबारा एक्टिव हो जाते हैं। जिससे तेजी से इंसुलिन बनने लगता है। इसके अलावा इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहने के साथ मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। इसके लिए इन बीमारियों में भी लाभ मिलता है।
मन को शांत रखता है।
भ्रामरी
इस प्राणायाम को करने के लिए पहले सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब अंदर गहरी सांस भरते हैं। सांस भरकर पहले अपनी अंगूलियों को ललाट में रखते हैं। जिसमें 3 अंगुलियों से आंखों को बंद करते हैं। अंगूठे से कान को बंद करते हैं। मुंह को बंदकर 'ऊं' का नाद करते हैं। इस प्राणायाम को 5 से 7 बार जरूर करना चाहिए।

अनुलोम विलोम
सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाएं नाक पर रखें और अंगूठे को दाएं वाले नाक पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाएं नाक की ओर से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाएं नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 5 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं। इस प्राणायाम को करने से क्रोनिक डिजीज, तनाव, डिप्रेशन, हार्ट के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा ये मांसपेशियों की प्रणाली को भी ठीक रखता है। इसे 10 से 15 मिनट करें।
सूर्य नमस्कार
जिस तरह से सूर्य नमस्कार करने से आपका वजन बढ़ने के साथ शरीर हेल्दी रहता है। उसी तरह नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से आप अपना वजन बढ़ा सकते हैं। इसके लिए रोजाना कम से कम 100 बार सूर्य नमस्कार करें। फिर इसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं। इस आसन को करने से आपका वजन कम होने के साथ-साथ डायबिटीज सहित कई बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे।

मंडूकासन
मंडूक का अर्थ है मेंढक अर्थात इस आसन को करते वक्त मेंढक के आकार जैसी स्थिति प्रतीत होती इसीलिए इसे मंडूकासन कहते हैं। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के साथ कई बीमारियों से निजात दिलाता है।
शशकासन
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योगमुद्रासन
डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद।
पेट से जुड़े रोगों से दिलाएं निजात
वजन घटाने में मदद मिलती है
पाचन तंत्र को रखें फिट।
मन और शरीर को रखें शांत
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए।
अर्द्ध मत्येंद्रासन
वक्रासन
वक्रासन बैठ कर किए जाने वाले आसनों में एक महत्वपूर्ण आसन है। वक्रासन 'वक्र' शब्द से निकला है जिसका मतलब होता टेढ़ा। इस आसन में रीढ़ टेढ़ी या मुड़ी हुई होती है, इसीलिए इसका यह नाम वक्रासन रखा गया है।
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गोमुखासन
उत्तापादासन
नौकासन
पवनमुक्तासन
शवासन
सभी आसनों को करने के बाद पूरी बॉडी क रिलैक्स करने के लिए यह योगासन जरूर करें। इससे आपका मन और दिमाग भी शांत रहेगा।
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