बैग पैक करो और घूमने निकल पड़ो, क्योंकि बीच-बीच में घूमने से उम्र लंबी होती है। सेहतमंद रहने के लिए दवा की जरूरत भी नहीं पड़ती और ये दावा कोई और नहीं, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट कर रहे हैं। उनके दावे में दम इसलिए भी दिखता क्योंकि रिसर्च का सैंपल साइज काफी बड़ा है। तो इनकी बात तो माननी पड़ेगी। रिसर्च के मुताबिक जब आप नई जगह पर जाते हैं। नये लोगों से मिलते हैं तो स्ट्रेस कम होता है। कुदरत के करीब होते हैं तो इसका असर आपके शरीर पर पड़ता है। उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी होती है। बढ़ती उम्र का असर भी 60% तक घट जाता है। एक और बात जब आप सोशल होते हैं तो दवाइयों से भी दूरी बढ़ती है। खासकर मोटापा-बीपी और शुगर की परेशानी 40% तक घटती है।
इत्तेफाकन ये तीनों ही बीमारी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। वजन बढ़ने का मतलब है जल्दी शुगर-बीपी की एंट्री शरीर में होने वाली है। बीपी अगर है, तो शुगर बढ़ना भी तय है। वैसे ये लाइफ स्टाइल की बीमारियां हैं और घूमने-फिरने-सोशल होने के साथ, सही लाइफ स्टाइल अपनाकर इन्हें रिवर्स किया जा सकता है। लाइफ स्टाइल की बात करें तो कुछ लोग वक्त-बेवक्त खाते रहते हैं। एक स्टडी के मुताबिक Odd hours में खाने से बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब होती है। नतीजा वजन बढ़ता है और फिर इंसुलिन लेवल बिगड़ने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। क्योंकि ईटिंग अलाइंमेंट में गड़बड़ी लिवर-ब्रेन का कॉर्डिनेशन बिगाड़ देती है। डायबिटीज सेहत के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है उसकी एक मिसाल ये है कि टाइप टू डायबिटीज मसल्स को गलाने का काम करती है। अब सोच लीजिए अंदर से ही नहीं, बाहर से भी आपको खोखला कर रही है। आइये स्वामी रामदेव से जानते हैं कैसे इन लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचें?
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