उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के साथ करार पर आखिरकार कांग्रेस ने विराम लगा दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को एलान कर दिया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने गुरुवार को 16 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, जिसमें 11 नाम उत्तर प्रदेश से चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशियों के थे। जिसके बाद से गठबंधन न होने के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान के बाद यूपी में गठबंधन की सभी संभावनाएं खत्म हो गई हैं।
एक ओर जहां सिंधिया ने यूपी में एकला चलो का ऐलान किया, वहीं वे सपा बसपा गठबंधन पर भी नरम दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि सपा बसपा गठबंधन में कांग्रेस को शामिल न करने के फैसले का कांग्रेस पार्टी सम्मान करती है। उन्हें अपना रास्ता चुनने का पूरा हक है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक ही है कि केंद्र में यूपी की सरकार बने। यूपी में कांग्रेस अपनी जमीनी ताकत के आधार पर चुनाव लड़ने जा रही है।
कांग्रेस ने लिस्ट जारी कर दिखाए थे मंसूबे
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भले ही गठबंधन पर आज बयान दिया हो, लेकिन दो दिन पहले उम्मीदवारों की सूची जारी कर कांग्रेस ने पहले ही अपने मंसूबे साफ कर दिए थे। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश और गुजरात के लिए अपने 15 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी। इसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के भी नाम हैं जो क्रमशः रायबरेली और अमेठी से ही चुनाव लड़ेंगे। सलमान खुर्शीद को फर्रुखाबाद से कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। कुशी नगर से आरपीएन सिंह, फैजाबाद से निर्मल खत्री और सहारनपुर से इमरान मसूद कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। उन्नाव से अनु टंडन और अकबरपुर से राजाराम पाल को कांग्रेस ने टिकट दिया है।