1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. तीन कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने रिपोर्ट दाखिल की

तीन कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने रिपोर्ट दाखिल की

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 31, 2021 09:53 pm IST,  Updated : Mar 31, 2021 09:53 pm IST

तीन नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कृषि अर्थशास्त्रियों की तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को इन तीनों कानूनों के क्रियान्वयन पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी थी और गतिरोध का समाधान करने के लिए चार सदस्यीय समिति नियुक्त की थी।

Farm laws: Supreme Court-appointed committee submits report- India TV Hindi
तीन नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है। Image Source : PTI

नयी दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कृषि अर्थशास्त्रियों की तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर दी है। समिति में भूपिंदर सिंह मान, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री, दक्षिण एशिया के निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान, अशोक गुलाटी, कृषि अर्थशास्त्री और कृषि लागत और मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष और अनिल घणावत, अध्यक्ष, शेतकरी संगठन शामिल हैं। मान ने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि किसान पिछले पांच महीनों से इन कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को इन तीनों कानूनों के क्रियान्वयन पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी थी और गतिरोध का समाधान करने के लिए चार सदस्यीय समिति नियुक्त की थी। समिति को कानूनों का अध्ययन करने और सभी हितधारकों से चर्चा करने के लिए दो महीने का समय दिया गया था। समिति के सदस्यों में से एक पी के मिश्रा ने कहा, ‘‘हमने 19 मार्च को एक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंप दी है। अब, अदालत भविष्य की कार्रवाई पर फैसला करेगी।’’ 

समिति की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, समिति ने किसान समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की खरीद एजेंसियों, पेशेवरों, शिक्षाविदों, निजी और साथ ही राज्य कृषि विपणन बोर्डों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के कुल 12 दौर किये। समिति ने रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले नौ आंतरिक बैठकें भी कीं। इस बीच कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए, खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों के हित में लाए गए हैं, लेकिन यह एक अलग मुद्दा है कि कुछ लोगों ने किसानों को गुमराह किया और एक नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि देश भर के किसान अब समझते हैं कि नए कृषि कानून मंडियों की मौजूदा प्रणाली को नही हटाते हैं, और अधिक विपणन विकल्प प्रदान करते हैं। गोयल ने कहा कि संसद में नए कृषि कानून पारित किए जाते समय सरकार की मुख्य चिंता यह थी कि किसानों की आय कैसे बढ़ाई जाए तथा उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए और अधिक रास्ते खोलने के वास्ते क्या कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि नये कृषि कानूनों में सरकार ने एपीएमसी मंडियों में किसानों की उपज बेचने का मौजूदा विकल्प बरकरार रखा और उन्हें अन्य विपणन विकल्प उपलब्ध कराये। 

ये भी पढ़ें

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत