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ISRO के शीर्ष वैज्ञानिक का दावा- मुझे 3 साल पहले दिया गया था जहर, मुश्किल से बची जान

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 06, 2021 08:00 am IST,  Updated : Jan 06, 2021 08:00 am IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें तीन साल से अधिक समय पहले जहर दिया गया था।

Tapan Mishra- India TV Hindi
ISRO के शीर्ष वैज्ञानिक का दावा- मुझे 3 साल पहले दिया गया था जहर, मुश्किल से बची जान Image Source : FACEBOOK (TAPAN MISHRA)

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक शीर्ष वैज्ञानिक ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें तीन साल से अधिक समय पहले जहर दिया गया था। तपन मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें 23 मई, 2017 को यहां इसरो मुख्यालय में पदोन्नति साक्षात्कार के दौरान घातक आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड जहर दिया गया था। उन्होंने कहा, ''दोपहर के भोजन के बाद ‘स्नैक्स’ में संभवत: डोसे की चटनी के साथ मिलाकर जहर दिया गया था।''

तपन मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ''इसरो में हमें कभी-कभी बड़े वैज्ञानिकों के संदिग्ध मौत की खबर मिलती रही है। साल 1971 में प्रोफेसर विक्रम साराभाई की मौत संदिग्ध हालात में हुई थी। उसके बाद 1999 में VSSC के निदेशक डॉक्टर एस श्रीनिवासन की मौत पर भी सवाल उठे थे। इतना ही नहीं 1994 में श्री नांबीनारायण का केस भी सबके सामने आया था। लेकिन मुझे नहीं पता था कि एक दिन मैं इस रहस्य का हिस्सा बनूंगा।''

मिश्रा की फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, 23 मई 2017 को तपन मिश्रा को जानलेवा आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड दिया गया था। यह उन्हें उनके प्रमोशन इंटरव्यू के दौरान इसरो हेडक्वार्टर बेंगलुरु में चटनी और डोसाई में मिलाकर दिया गया था। इसे उन्होंने लंच के कुछ देर बाद हुए नाश्ते में खाया था। इंटरव्यू के बाद वो बड़ी मुश्किल से बेंगलुरु से अहमदाबाद पहुंच पाए थे। तपन मिश्रा ने Sci/Eng SF ग्रेड से SG ग्रेड के लिए इंटरव्यू दिया था।

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Image Source : FACEBOOK (TAPAN MISHRA)Facebook Post

मिश्रा फिलहाल इसरो में वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं और इस महीने के अंत में सेवानिवृत होने वाले हैं। उन्होंने फेसबुक पर 'लॉंग केप्ट सीक्रेट' नामक से एक पोस्ट में यह दावा किया कि जुलाई, 2017 में गृह मामलों के सुरक्षाकर्मियों ने उनसे मुलाकात कर आर्सेनिक जहर दिए जाने के प्रति उन्हें सावधान किया था।

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