तिरूवनंतपुरम: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि पुलवामा आतंकवादी हमले के एक साल बीत जाने के बावजूद इसको अंजाम देने वालों के बारे में पता नहीं लगना शहीदों का अपमान है। कांग्रेस सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नियमित आवाजाही के दौरान सैनिकों को सुरक्षित रखना केंद्र की जिम्मेदारी है। थरूर ने कहा, ‘‘जवाबदेही कहां है ? कौन जिम्मेदार है ? क्या इसमें लापरवाही थी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या कोई साजिश थी। पुलवामा घटना के एक साल बीत जाने के बावजूद सचाई यह है कि हमारे पास कोई उत्तर नहीं है और यह शहीदों का अपमान है।’’
Related Stories
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी यह सवाल उठाने के लिए पूरी तरह से सही थे कि इस हमले से किसको फायदा हुआ और इसमें जांच का क्या परिणाम निकला? उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि भाजपा सरकार सभी सवालों को नकार कर (राष्ट्रीय) ध्वज की आड़ लेने का प्रयास करती है’’ शशि थरूर ने कहा, ‘‘हम सभी देशभक्त हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अक्षम देशभक्त हैं । हम गैरजिम्मेदार देशभक्त नहीं हो सकते हैं।’’
पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम उनके प्रति शोक व्यक्त करते हैं, हम उनके बलिदान को नमन करते हैं। आज उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए हम हमे शीश झुकाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हालांकि सवाल उठाना जरूरी है और और उसका उत्तर भी दिया जाना चाहिए। कश्मीर के एक पुलिस उपाधीक्षक के कथित रूप से आतंकवादियों से मिलीभगत के मामले की ओर इशारा करते हुए थरूर ने कहा, ‘‘उसमें कोई जांच की गयी। क्या उस मामले में उनलोगों की तरफ से कोई आपराधिक लापरवाही हुई है, जिन्हें निर्णय करने का अधिकार है।