Friday, January 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पादरियों द्वारा ब्लैकमेल और गैंगरेप केस सामने आने के बाद महिलाओं ने की अपील ननों को भी मिले कन्फेशन करने की अनुमति

पादरियों द्वारा ब्लैकमेल और गैंगरेप केस सामने आने के बाद महिलाओं ने की अपील ननों को भी मिले कन्फेशन करने की अनुमति

केरल में पांच पादरियों पर आरोप है कि उन्होंने सीक्रेट कन्फेशन का इस्तेमाल ब्लैकमेल करके उसका यौन उत्पीड़न किया।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jul 01, 2018 08:48 pm IST, Updated : Jul 01, 2018 08:48 pm IST
चित्र का इस्तेमाल...- India TV Hindi
Image Source : PTI चित्र का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया है।

तिरुवनंतपुरम: चर्च के पांच पादरियों द्वारा एक विवाहित महिला का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किये जाने का हवाला देते हुए केरल स्थित एक संगठन की महिला सदस्यों ने ‘ सैक्रामेंट ऑफ कन्फेशन ’ के सदियों पुराने तरीके में सुधार करके ननों को भी महिलाओं के लिये प्रायश्चित कराने की अनुमति दिये जाने की मांग की। 

सैक्रामेंट ऑफ कन्फेशन कैथोलिक धर्म का एक अनोखा पहलू है। ईसा मसीह ने प्रेम और दया की भावना से सैक्रामेंट ऑफ कन्फेशन की व्यवस्था की थी ताकि पापी अपने पाप के लिये माफी पा सकें और ईश्वर और चर्च के साथ मिल सकें। यह सैक्रामेंट पाप करने वाले का पाप धो देता है और उसे पुन: ईसा मसीह की शरण में ले जाता है। 

केरल चर्च ऐक्ट ऐक्शन काउन्सिल के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा स्वरूप में महिलाओं की अंतरंग स्वीकारोक्ति के दुरुपयोग की संभावना है। इस संगठन में चर्च में सुधार के लिये विभन्न चर्च संप्रदायों के सदस्य शामिल हैं। पिछले महीने पतनमथिट्टा जिले के एक व्यक्ति ने केरल में मालकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च के पांच पादरियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसकी पत्नी की गुप्त स्वीकारोक्ति का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने और उसका यौन उत्पीड़न करने में किया।

 
केरल चर्च ऐक्ट ऐक्शन काउन्सिल की उपाध्यक्ष इंदुलेखा जोसफ ने कहा कि इस घटना को इक्का - दुक्का प्रकरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिये और हो सकता है कि दशकों से विभिन्न संप्रदायों में इस तरह की घटनाएं हो रही हों। जोसफ ने सिर्फ पादरियों के ‘ सैक्रामेंट ऑफ कन्फेशन ’ करने की प्रथा को चर्च में लैंगिक पूर्वाग्रह का उदाहरण बताया। 
उन्होंने कहा , ‘‘ क्यों ननों को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वे भी चर्च के नियमों का सख्ती से पालन कर रही हैं और निर्धारित मानदंडों का पालन कर रही हैं। इसलिये उन्हें भी महिलाओं और नाबालिगों के लिये प्रायश्चित कराने की अनुमति दी जानी चाहिये। ’’ 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement