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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पहले चरण पर 8,914 करोड़ रुपये का निवेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही प्रदेश अगले तीन वर्षो के भीतर देश के सबसे प्रमुख विमानन केंद्र के तौर पर स्थापित हो जाएगा।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: November 25, 2021 13:07 IST
PM Modi To Lay Foundation Stone For Noida International Airport At Jewar On Thursday- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रखेंगे। 

Highlights

  • करीब 1,330 एकड़ भूभाग में फैले इस हवाईअड्डे से सितंबर, 2024 तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
  • शुरुआत में जेवर हवाअड्डे पर दो हवाईपट्टियां चालू होंगी।
  • इस हवाईअड्डे के विकास का ठेका ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला रख रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश अगले तीन वर्षो के भीतर देश के सबसे प्रमुख विमानन केंद्र के तौर पर स्थापित हो जाएगा। हवाईअड्डे के पहले चरण में करीब 8,914 करोड़ रुपये का निवेश होगा और यहां से सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही होने लगेगी। करीब 1,330 एकड़ भूभाग में फैले इस हवाईअड्डे से सितंबर, 2024 तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में जेवर हवाअड्डे पर दो हवाईपट्टियां चालू होंगी। इस हवाईअड्डे के विकास का ठेका ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है। नागर विमानन मंत्रालय में सचिव राजीव बंसल ने बुधवार को बताया कि हवाईअड्डे के विकास के पहले चरण पर कुल 8,914 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है जिसमें से 4,588 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय होगा। वहीं 4,326 करोड़ रुपये की राशि भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास पर खर्च होगी। 

राजीव बंसल ने बताया कि पहला चरण पूरा होने के बाद यह हवाईअड्डा सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों का परिचालन करने की स्थिति में होगा। विकास के सभी चारों चरण पूरा होने के बाद यह क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। बंसल के मुताबिक, इस हवाईअड्डे के विकास पर कुल 29,560 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। अभी इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास के मद में खर्च की जाने वाली राशि शामिल नहीं है। इस हवाईअड्डे का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) करेगी जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के लिए गठित कंपनी एनआईएएल की वाईआईएपीएल में एक प्रतिशत स्वर्णिम हिस्सेदारी होगी। एनआईएएल में उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की 37.5-37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का इस कंपनी में 12.5-12.5 प्रतिशत हिस्सा होगा। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल और केंद्र सरकार के बीच आरक्षित सेवाओं को लेकर सहमति पत्र पर गत 22 नवंबर को हस्ताक्षर किए गए थे। इस मौके पर नागर विमानन सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जेवर के अलावा सात अन्य हवाईअड्डों का भी विकास किया जा रहा है जिसमें अयोध्या भी शामिल है। 

अलीगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती में भी हवाईअड्डे प्रस्तावित हैं। जेवर हवाईअड्डा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा होगा। इसके तैयार हो जाने के बाद दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से बोझ कम हो सकेगा। इसके अलावा जेवर हवाईअड्डे के शुरू होने पर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और आसपास के अन्य जिलों के निवासियों को भी फायदा होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि जेवर हवाईअड्डा उत्तर भारत के लिए एक प्रवेश-द्वार साबित होगा और इससे उत्तर प्रदेश की सूरत ही बदल जाएगी।

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