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पिनाका रॉकेट्स के नए वर्जन की खरीद में सेना की दिलचस्पी, जानें कितनी होगी इसकी रेंज

 Published : Dec 12, 2025 09:23 pm IST,  Updated : Dec 12, 2025 09:23 pm IST

भारतीय सेना 120 किलोमीटर रेंज वाले नए पिनाका रॉकेट संस्करण को शामिल करने की तैयारी में है। DRDO द्वारा विकसित यह सिस्टम मौजूदा लॉन्चरों से ही दागा जा सकेगा। लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रपोजल को जल्द DAC की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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सेना पिनाका रॉकेट्स के नए वर्जन की खरीद में दिलचस्पी दिखा रही है। Image Source : ANI

नई दिल्ली: भारतीय सेना 120 किलोमीटर तक हमला करने वाले पिनाका रॉकेट्स को शामिल करने की योजना बना रही है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अपनी लंबी दूरी की तोपखाने की ताकत को और मजबूत करने के प्रयास में यह कदम उठाया जा रहा है। अगर यह प्रपोजल आगे बढ़ता है तो इसकी कीमत लगभग 2500 करोड़ रुपये होगी। रक्षा अधिकारियों ने ANI को बताया कि ये रॉकेट्स, जो 120 किलोमीटर दूर के लक्ष्यों पर हमला कर सकते हैं, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी कि DRDO द्वारा विकसित किए जाएंगे। इनके पहले परीक्षण जल्द ही किए जाने की योजना है। उसके बाद, डिवेलपमेंट-कम-प्रोडक्शन पार्टनर्स को बोली प्रक्रिया के जरिए चुना जाएगा।

जल्द मंजूरी के लिए लिया जाएगा सेना का प्रस्ताव

सूत्रों ने कहा कि सेना का यह प्रस्ताव रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी कि DAC द्वारा जल्द ही मंजूरी के लिए लिया जाएगा। राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाला रक्षा मंत्रालय स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चरों के विकास को बढ़ावा दे रहा है, जिन्हें हाल ही में मित्र देशों को निर्यात भी किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि नए 120 किलोमीटर रेंज वाले पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के रॉकेट्स को मौजूदा लॉन्चर से ही लॉन्च किया जा सकेगा, जो फिलहाल 40 किलोमीटर और 75 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक लक्ष्य भेद सकता है। भारतीय सेना मौजूदा पिनाका रेजिमेंट्स को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है और हाल ही में इन रॉकेट रेजिमेंट्स के लिए एरिया डिनायल म्यूनिशन खरीदने के आदेश दिए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने कई अनुबंधों पर किए हैं हस्ताक्षर

इस साल की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय ने इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड (EEL) और म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL) के साथ अनुबंध किए, जिसमें पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) के लिए एरिया डिनायल म्यूनिशन (ADM) टाइप-1 (DPICM) और हाई एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैगमेंटेड (HEPF) MK-1 (एन्हैंस्ड) रॉकेट्स की खरीद शामिल है। इन अनुबंधों की कुल लागत 10,147 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ शक्ति सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने का अनुबंध भी किया गया है। ये अनुबंध रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षरित किए गए।

आखिर पिनाका रॉकेट सिस्टम क्यों है इतना खास?

पिनाका मल्टीपल लॉन्चर रॉकेट सिस्टम (MLRS) एक लंबी दूरी का तोपखाना हथियार है, जिसे DRDO द्वारा विकसित किया गया है। यह अपनी तेज प्रतिक्रिया और सटीक निशाने के लिए जाना जाता है, जो भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता को बढ़ाता है। DRDO पहले से ही पिनाका रॉकेट के 120 किलोमीटर रेंज वाले संस्करण को विकसित करने के उन्नत चरण में है और अगले वित्तीय वर्ष में इसका पहला परीक्षण करने की उम्मीद है। पिनाका सबसे सफल स्वदेशी हथियारों में से एक है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही पिनाका के लंबी दूरी वाले संस्करण तैयार हो जाएंगे, सेना अन्य वैकल्पिक हथियारों की योजनाओं को छोड़ सकती है। पिनाका को जहां आर्मेनिया ने खरीदा है, वहीं कई यूरोपीय देश जिनमें फ्रांस शामिल है, इसमें रुचि दिखा रहे हैं।

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