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उत्तराखंड टनल दुर्घटना पर नितिन गडकरी बोले- सब ठीक रहा तो 2-3 दिन में पीड़ितों को बचा लेंगे

उत्तराखंड के टनल दुर्घटना के बाद से ही 41 मजदूर इसमें फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हालात का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अगर ऑगर मशीन ने ठीक तरीके से काम किया तो हम पीड़ितों तक जल्द ही पहुंच बना लेंगे।

Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
Published : Nov 19, 2023 01:57 pm IST, Updated : Nov 19, 2023 02:46 pm IST
Nitin Gadkari said on Uttarakhand tunnel accident If auger machine works properly we will be able to- India TV Hindi
Image Source : ANI उत्तराखंड टनल दुर्घटना पर नितिन गडकरी का बयान

Uttarakhand Tunnel Accident: उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग धंसने के बाद से करीब 41 मजदूर उसमें फंसे हुए हैं। सुरंग में पिछले 8 दिनों से फंसे इन मजदूरों को अबतक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। मजदूरों को रेस्क्यू करने के कई प्रयास अबतक असफल हो चुके हैं। इस बीच केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी उत्तराखंड पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया। यहां मीडिया से बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि पिछले 7-8 दिनों से हम पीड़ितों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। 

नितिन गडकरी का बयान

उन्होंने कहा, उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार की प्राथमिकता है। इस बाबत हमने अधिकारियों संग 2 घंटे की बैठक भी की है। हम 6 विकल्पों पर काम कर रहे हैं। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियां इसपर काम कर रही है। पीएमओ से भी इस मामले पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरंग विशेषज्ञों और बीआरओ के अधिकारियों को भी बुलाया गया है। हमारी पहली प्राथमिकता फंसे हुए पीड़ितों को भोजन, दवा और ऑक्सीजन उपलब्ध कराना है। 

भारत सरकार की प्राथमिक पीड़ितों की जान बचाना

नितिन गडकरी ने कहा कि इस ऑपरेशन में हमारी पहली प्राथमिकता पीड़ितों को जिंदा रखने का है। बीआरओ द्वारा विशेष मशीनें लाने के लिए सड़कें बनाई जा रही हैं। कई मशीनें यहां आ चुकी हैं। दो ऑगर मशीने फिलहाल बचाव अभिायन चलाने के लिए काम कर रही हैं। इस हिमालयी भूभाग की जटिलताए हैं। उन्होंने अगर ऑगर मशीन ठीक तरीके से काम करती है तो हम अगले दो से ढाई दिनों में उन (पीड़ितों) तक पहुंच जाएंगे। बता दें कि फिलहाल पीड़ितों तक खाने की सामग्री पहुंचाने के मलबे में 6 इंच का पाइप डाल दिया गया है। इस पाइप के जरिए अंदर फंसे मजदूरों के लिए जरूरत के सामान भेजा जा रहा है। 

क्या है प्लानिंग

जानकारी को मुताबिक टनल में फंसे मजदूरों की सुरक्षा के लिए डीआरडीओ के द्वारा निर्मित रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल मंगवाया गया है। यह आज शाम तक घटनास्थल पर पहुंचेगा। साथ ही माइक्रो ड्रोन भी मंगवाया गया है। माइक्रो ड्रोन को पाइप के अंदर डालकर भेजा जाएगा। साथ ही इसी पाइप के भीतर से ऑप्टिकल फाइबर के जरिए नेटवर्क भेजा जाएगा। मजदूरों को खाना सप्लाई करने के लिए अलग से पाइप लगाई जा रही है जो 44 मीटर तक अंदर जा चुकी है। प्लान 5 के तहत हर एरिया में 2 कैविटी तैयार की जाएगी, जिसमें एक रेस्क्यू के लिए तथा दूसरा खाना पहुंचाने के लिए होगा। 

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