Monday, February 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'मन की बात' करते समय कई बार भावुक हुआ, करनी पड़ी दोबारा रिकॉर्डिंग, 100वें एपिसोड में बोले PM मोदी; पढ़ें अहम बातें

'मन की बात' करते समय कई बार भावुक हुआ, करनी पड़ी दोबारा रिकॉर्डिंग, 100वें एपिसोड में बोले PM मोदी; पढ़ें अहम बातें

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Apr 30, 2023 12:09 pm IST, Updated : Apr 30, 2023 12:10 pm IST

पीएम मोदी ने कहा, जब मैंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ साझा 'मन की बात' की थी, उसकी चर्चा पूरे विश्व में हुई थी। 50 साल पहले मैंने अपना घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि एक दिन अपने ही देश के लोगों से संपर्क भी मुश्किल हो जाएगा।

pm modi mann ki baat- India TV Hindi
Image Source : TWITTER प्रधानमंत्री मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम

नई दिल्ली: 3 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ एक कारवां आज अपने 100वें पड़ाव पर पहुंच गया है। ‘मन की बात’ की 100वीं कड़ी में अपने विचार शेयर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम से जुड़ने वाला हर विषय जनआंदोलन बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद परिस्थितियों की विवशता के कारण उनके पास जनता से कट जाने की चुनौती थी, लेकिन ‘मन की बात’ ने इसका समाधान दिया और सामान्य लोगों से जुड़ने का रास्ता दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मन की बात कोटि-कोटि भारतीयों के ‘मन की बात’ है। यह उनकी भावनाओं का प्रकटीकरण है। ‘मन की बात’ देशवासियों की अच्छाइयों और उनकी सकारात्मकता का एक अनोखा पर्व बन गया है।’’ इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मन की बात' की रिकॉर्डिंग के समय कई बार भावुक भी हुआ इसकी वजह से कई बार दोबारा रिकॉर्डिंग की गई।

प्रधानमंत्री मोदी की संवाद सेंचुरी, पढ़ें अहम बातें-

  1. मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा पर्व है, जो हर महीने आता है और जिसका सभी इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसमें सकारात्मकता और लोगों की भागीदारी का जश्न मनाते हैं। ‘मन की बात’ जिस विषय से जुड़ा, वह जनआंदोलन बन गया और लोगों ने इसे जनआंदोलन बना दिया।’’ इस क्रम में प्रधानमंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, स्वच्छ भारत अभियान, खादी को लोकप्रिय बनाने और प्रकृतति से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए दूसरों के गुणों की पूजा करने की तरह रहा है।
  2. पीएम ने कहा, जब मैंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ साझा 'मन की बात' की थी, उसकी चर्चा पूरे विश्व में हुई थी। मोदी ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वहां आम जन से मिलना-जुलना स्वाभाविक रूप से हो ही जाता था, लेकिन जब वह प्रधानमंत्री बने, तो वह जीवन अलग था, क्योंकि काम का स्वरूप अलग था, दायित्व अलग थे और साथ ही परिस्थितियों का बंधन व सुरक्षा का तामझाम भी था।
  3. उन्होंने कहा, ‘‘मैं खाली-खाली सा महसूस करता था। 50 साल पहले मैंने अपना घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि एक दिन अपने ही देश के लोगों से संपर्क भी मुश्किल हो जाएगा। जो देशवासी मेरा सब कुछ हैं, मैं उनसे ही कटकर जी नहीं सकता था। ‘मन की बात’ ने मुझे इस चुनौती का समाधान दिया। आम लोगों से जुड़ने का रास्ता दिया। इस कार्यक्रम ने मुझे कभी भी आपसे दूर नहीं होने दिया।’’
  4. पीएम मोदी ने सेल्फी विद डॉटर अभियान का जिक्र करते हुए कहा, ये देश से लेकर विदेश में बहुत चला। ये सेल्फी का मुद्दा नहीं था, ये बेटियों से जुड़ा था जिसमें लोगों ने बहुत शानदार तरीके से भाग लिया। इस अभियान का मकसद लोगों को जीवन में बेटी के महत्व को समझाना था।
  5. मोदी ने कहा, “मन की बात ने मुझे लोगों से जुड़ने का जरिया मुहैया कराया। यह मेरे लिए महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है।” उन्होंने कहा, 'मन की बात' कोटि-कोटि भारतियों के मन की बात है। उनकी भावनाओं का प्रकटीकरण है। 3 अक्टूबर 2014 के दिन हमने 'मन की बात' की यात्रा शुरू की। मन की बात में देश के कोने-कोने से लोग जुड़े। हर आयु-वर्ग के लोग जुडे़।

बता दें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने तीन अक्टूबर 2014 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसके माध्यम से वह हर महीने के आखिरी रविवार को विभिन्न मुद्दों पर लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हैं। ‘मन की बात’ के लिए श्रोताओं से राष्ट्रीय महत्व से जुड़े मुद्दों पर सुझाव और विचार भी आमंत्रित किए जाते हैं।

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement