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जब मेरे लोगों की सुरक्षा नहीं होगी तो मैं किस तिरंगे या संविधान की बात करूं: उमर अब्दुल्ला

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 08, 2019 07:45 am IST,  Updated : Mar 08, 2019 07:45 am IST

पूर्व मुख्यमंत्री उमर श्रीनगर में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

Omar Abdullah- India TV Hindi
Omar Abdullah | PTI File

श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भारत संघ और जम्मू-कश्मीर के बीच के रिश्तों को कमजोर कर रही है। उमर ने बुधवार को लखनऊ में 2 कश्मीरियों पर हमले की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘हमारी पार्टी ने (जम्मू-कश्मीर के भारत में) शामिल होने पर कभी सवाल नहीं उठाए। हमने हमेशा कहा है कि हम जो कुछ भी हासिल करेंगे, इस देश के संविधान से हासिल करेंगे। लेकिन, संविधान के तहत, सभी को संरक्षा एवं सुरक्षा का समान अधिकार है।’

उन्होंने कहा, ‘(हालांकि), जब मेरे लोगों की ही सुरक्षा नहीं होगी तो मैं किस संविधान की बात करूं, मैं किस तिरंगे की बात करूं जब यह लोग (हमलावर) तिरंगे की आड़ लेकर मेरे लोगों पर हमले करने लगें? मैं किस कानून की बात करूं जब आपके अपने ही मुख्यमंत्री इसे मान नहीं दिला पाते?’ बुधवार शाम लखनऊ के डालीगंज पुल पर फुटपाथ पर जब दो कश्मीरी युवक सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट) बेच रहे थे तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस बीच वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने इन्हें मारपीट से बचाया और पुलिस को जानकारी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मुख्य आरोपी बजरंग सोनकर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर श्रीनगर में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में पीडीपी के पूर्व विधायक मोहम्मद शफी नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। उमर ने कहा कि लोगों की आवाज दबाकर भारत संघ से राज्य के रिश्ते मजबूत नहीं बनाए जा सकते। उन्होंने कहा, ‘जब सवाल पैदा होते हैं तो उनके जवाब देना मेरा काम नहीं है बल्कि आपका (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और आपके साथियों का काम है। आप साजिशों के जरिए जम्मू-कश्मीर को अपने साथ नहीं रख सकते। यहां के लोगों की आवाज दबाकर भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के रिश्ते मजबूत नहीं बनाए जा सकते।’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दादा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने चेताया था कि दिल्ली कश्मीर घाटी के कोने-कोने में नेता पैदा करेगी ताकि कश्मीर के लोग एक सुर में बात नहीं करें। उन्होंने कहा, ‘और असल में यही हो रहा है जम्मू में नहीं बल्कि सिर्फ कश्मीर में ही तीसरा मोर्चा क्यों बनाया जा रहा है? कश्मीर में जब नौजवान राजनीति में आते हैं तो वे नई पार्टियां बना लेते हैं, जबकि जम्मू और लद्दाख में ऐसा नहीं होता। मैं इसे समझ नहीं पाता। ऐसा लगता है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है।’ उमर ने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर को प्रयोगशाला के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने लोगों को यकीन दिलाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सत्ता में आने के बाद ऐसे मंसूबों को नाकाम किया जाएगा।

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