Saturday, January 17, 2026
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भारत ने भी इन अमेरिकी उत्पादों पर लगा रखा है भारी टैरिफ, त्राहिमाम कर रहे US के कानून निर्माता; कहा-ट्रंप करें मोदी से बात

भारत ने भी अमेरिका के कई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रखा है। इससे अमेरिकी उत्पादकों की हालत खस्ता हो गई है। लिहाजा अमेरिकी कानून निर्माताओं ने ट्रंप को पत्र लिखकर पीएम मोदी से टैरिफ कम करने का अनुरोध करने के लिए आग्रह किया है।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Jan 17, 2026 01:51 pm IST, Updated : Jan 17, 2026 02:07 pm IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(बाएं) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (दाएं)- India TV Hindi
Image Source : AP अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(बाएं) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (दाएं)

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: भारत ने भी अमेरिका के कई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रखा है। इससे अमेरिकी उत्पादक ट्रंप के सामने त्राहिमाम कर रहे हैं। भारत की कार्रवाई से अमेरिका कानून निर्माताओं में भी बेचैनी है। लिहाजा हाल ही में 2 अमेरिकी कानून निर्माताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया है कि वह भारत के साथ ट्रेड वार्ता के दौरान खासकर दालों पर टैरिफ कम करने का अनुरोध करें।

अमेरिकी कानून निर्माताओं ने ट्रंप को लिखा पत्र

अमेरिकी कानून निर्माताओं ने ट्रंप को लिखे पत्र में अनुरोध किया है कि भारत के साथ किसी भी भविष्य के व्यापार समझौते में दाल की फसलों के लिए अनुकूल प्रावधानों की मांग की जाए। यानि भारत से अमेरिकी दालों पर टैरिफ कम करने का अनुरोध किया जाए। इसमें यह भी कहा गया है कि नई दिल्ली द्वारा दलहनी फसलों पर लगाए गए "अनुचित" टैरिफ के कारण अमेरिकी उत्पादकों को "महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी नुकसान" का सामना करना पड़ रहा है।  मोंटाना के रिपब्लिकन सीनेटर स्टीव डेन्स और नॉर्थ डकोटा के केविन क्रेमर ने 16 जनवरी को ट्रंप को संबोधित पत्र में कहा कि उनके राज्य दाल फसलों (जिसमें मटर शामिल है) के शीर्ष दो उत्पादक हैं, जबकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो वैश्विक खपत का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा लेता है।  

अमेरिका का आरोप भारत लेता है अधिक टैरिफ

अमेरिकी लॉ-मेकर्स ने उल्लेख किया कि भारत में सबसे अधिक खाई जाने वाली दाल फसलें मसूर, चना, सूखी फलियां और मटर हैं, लेकिन नई दिल्ली ने इन श्रेणियों में अमेरिकी निर्यात पर भारी टैरिफ लगाए हैं।  सीनेटरों ने बताया कि भारत ने पिछले साल 30 अक्टूबर को पीले मटर पर 30 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी, जो 1 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया।  पत्र में कहा गया, “अनुचित भारतीय टैरिफ के परिणामस्वरूप, अमेरिकी दाल फसल उत्पादकों को भारत में अपनी उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को निर्यात करते समय महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी नुकसान का सामना करना पड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी से ट्रंप करें टैरिफ कम करने का अनुरोध

डेन्स और क्रेमर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दाल की फसलों पर लगे हैवी टैरिफ पर बातचीत करके दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने का काम करें। ताकि अमेरिकी उत्पादकों और भारतीय उपभोक्ताओं दोनों के लिए “परस्पर लाभकारी” हो सके। उन्होंने ट्रंप को नॉर्थ डकोटा और मोंटाना के कृषि उत्पादकों के लिए अनुकूल आर्थिक वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि व्यापार वार्ताओं के आगे बढ़ने के साथ, वे उन्हें अमेरिका-भारत के किसी भी समझौते में दाल फसलों के लिए अनुकूल प्रावधानों की मांग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।  उन्होंने याद दिलाया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, 2020 में भारत के साथ व्यापार वार्ताओं से पहले उन्होंने यह मुद्दा उठाया था, और राष्ट्रपति ने उनके पत् कोर मोदी को "हाथ से सौंपा" था, जिससे अमेरिकी उत्पादकों को वार्ता मेज पर लाने में मदद मिली।  

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