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'2003 में मनमोहन सिंह ने की थी शरणार्थियों की नागरिकता की बात', जेपी नड्डा का बयान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 11, 2019 01:49 pm IST,  Updated : Dec 11, 2019 08:04 pm IST

जेपी नड्डा ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक की जब बात होती है उसका आधार एक ही है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर जिस अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव हुआ है और वे भारत में रह रहे हैं, उनको भारत की नागरिकता देना इस बिल का मकसद है।

Manmohan Singh (File photo)- India TV Hindi
Manmohan Singh (File photo)

नई दिल्ली: भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी। नड्डा ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक की जब बात होती है उसका आधार एक ही है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक आधार पर जिस अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव हुआ है और वे भारत में रह रहे हैं, उनको भारत की नागरिकता देना इस बिल का मकसद है। बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा हो रही है। लोकसभा ने सोमवार को इस विधेयक को मंजूरी प्रदान की।

नड्डा ने बताया कि 18 दिसंबर 2003 को मनमोहन सिंह ने संसद में आडवानी जी से कहा था, ''मैं शर्णार्थियों से हो रहे बर्ताव के बारे में कुछ कहना चाहता हूं, देश के बंटवार के बाद बांग्लादेश जैसे देशों में अल्पसंख्यकों को आघात का सामना करना पड़ रहा है और यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि अगर हालात की वजह से लोगों को अपना देश छोड़ भारत में शरणार्थी बनना पड़ता है, तो ऐसे अभाग्य लोगों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया ज्यादा उदार होनी चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि माननीय उप प्रधानमंत्री इसे ध्यान में रखेंगे और भविष्य़ में नागरिकता एक्ट को लेकर कदम उठाएंगे।''

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, ''मनमोहन सिंह ने यह कहा और उनकी बातों को हम पूरा हम कर रहे हैं, उनके बताए रास्ते पर हम चलते हुए इसे पूरा कर रहे हैं वो अपने कार्यकाल में भी पूरा नहीं कर पाए। मनमोहन सिंह के बताए रास्ते पर हम चल रहे हैं।''

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक चर्चा के लिए राज्यसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत के मुसलमान देश के नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के प्रावधान वाले इस विधेयक को पेश करते हुए उच्च सदन में गृह मंत्री ने कहा कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों के पास समान अधिकार नहीं हैं।

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