1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. कोरोना वायरस से बचाव के लिए खुद ही मास्क और साबुन बना रहे हैं यूपी की जेलों के कैदी

कोरोना वायरस से बचाव के लिए खुद ही मास्क और साबुन बना रहे हैं यूपी की जेलों के कैदी

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 22, 2020 01:16 pm IST,  Updated : Mar 22, 2020 01:16 pm IST

कोरोना वायरस से खुद की और साथी बंदियों की रक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों के कैदी साबुन और मास्क तैयार कर रहे हैं।

Coronavirus UP Jail Mask, Coronavirus Jail Inmates, Coronavirus India, Coronavirus disease- India TV Hindi
कोरोना वायरस से खुद की और साथी बंदियों की रक्षा करने के लिए यूपी की जेलों के कैदी साबुन और मास्क तैयार कर रहे हैं। PTI 

प्रयागराज: कोरोना वायरस से खुद की और साथी बंदियों की रक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों के कैदी साबुन और मास्क तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा वे यह सामान खुद इस्तेमाल करने के साथ ही दूसरी जेलों में भी भेज रहे हैं। DIG (जेल) बी. आर. वर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वर्तमान में वाराणसी की केंद्रीय जेल और जिला जेल, सोनभद्र जेल, जौनपुर जेल, कौशांबी जेल, नैनी सेंट्रल जेल, प्रतापगढ़ जेल, फतेहपुर जेल, हमीरपुर जेल में कैदी मास्क तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मास्क के अलावा, नैनी, आगरा और बरेली की जेलों में कैदियों द्वारा साबुन तैयार कर अन्य जेलों को भेजा जा रहा है।

नैनी जेल में रोज बन रहे 600-700 मास्क

जेल प्रशासन ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियातन सभी उपाय किए हैं। वर्मा ने बताया कि नैनी केंद्रीय जेल में कुछ दिन पहले ही मास्क बनाने का काम शुरू हुआ है जिसके लिए 10 मशीनें उपयोग में लाई जा रही हैं। नैनी जेल में मास्क बनाने के काम में 20 से अधिक कैदी लगाए गए हैं और प्रतिदिन 600-700 मास्क तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नैनी जेल में सुबह 8 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मास्क विनिर्माण का कार्य चल रहा है और सर्दी-जुकाम से ग्रस्त सभी कैदियों को मास्क बांटे जा रहे हैं। वहीं साबुन की मांग 30 जेलों से आ रही है जिन्हें साबुन की आपूर्ति की जा रही है। 

घटाई गई मुलाकातियों की संख्या
वर्मा ने बताया कि जेल के कैदी बाहर से आने वाले लोगों से संक्रमित न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए मुलाकातियों की संख्या 3 से घटाकर एक कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हालांकि कैदियों से मुलाकात करने आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग के लिए उपकरण उपलब्ध नहीं होने से जेल प्रशासन थोड़ा चिंतित जरूर है। नैनी केंद्रीय जेल के जेलर बी. के. त्रिवेदी ने बताया कि बाजार से थर्मल स्कैनिंग का उपकरण नहीं मिल पाने से मुलाकातियों की थर्मल स्कैनिंग नहीं हो पा रही है। नैनी केंद्रीय जेल में वर्तमान में 4,203 कैदी बंद हैं।

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत