1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फीचर
  4. मुसीबत के समय मनुष्य का बचाव करेंगे ये गुण, तुलसीदास के इन 5 दोहों को जीवन में उतारकर हो जाएंगे सफल

मुसीबत के समय मनुष्य का बचाव करेंगे ये गुण, तुलसीदास के इन 5 दोहों को जीवन में उतारकर हो जाएंगे सफल

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Jul 27, 2020 01:09 pm IST,  Updated : Jul 27, 2020 01:12 pm IST

तुलसीदास उन महापुरुषों में से हैं जिनके विचारों ने लोगों को नई ऊर्जा और दिशा दी है। जानिए तुलसीदास जी के 5 दोहे और उनका अर्थ जो किसी के भी जीवन को रोशनी से भर देंगे।

Tulsidas - India TV Hindi
Tulsidas  Image Source : INSTAGRAM/RAJATSISODIA_

भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त गोस्वामी तुलसीदास जी रामचरितमानस के रचयिता हैं। इसके अलावा इन्होंने हनुमान चालीसा, कवितावली, गीतावली और जानकीमंगल सहित 12 ग्रंथों की रचना की है। तुलसीदास जी की गिनती मशहूर कवियों में जाती है। हर साल सावन के महीने की सप्तमी तिथि को तुलसीदास जयंती मनाई जाती है। इस बार तुलसीदास जयंती 27 जुलाई को है। तुलसीदास उन महापुरुषों में से हैं जिनके विचारों ने लोगों को नई ऊर्जा और दिशा दी है। जानिए तुलसीदास जी के 5 दोहे और उनका अर्थ। 

काम क्रोध मद लोभ की जौ लौं मन में खान ।

तौ लौं पण्डित मूरखौं तुलसी एक समान ।।
इस दोहे में तुलसीदास जी कहते हैं कि जब तक किसी भी मनुष्य के मन में काम, क्रोध, गुस्सा और अहंकार भरा हुआ है तब तक ज्ञानी और मूर्ख व्यक्ति में भेद करना मुश्किल है। इन चीजों से भरा हुआ मनुष्य एक जैसा ही होता है। 

तुलसी साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक ।
साहस सुकृति सुसत्यव्रत,राम भरोसे एक ।।

इस दोहे का अर्थ है कि हर एक के जीवन में मुश्किल वक्त आता है। ऐसे वक्त में ही मनुष्य का साथ ज्ञान, विनम्रता, व्यवहार, विवेक और उसके कर्म देते हैं। 

तुलसी जे कीरति चहहिं, पर की कीरति खोइ।
तिनके मुंह मसि लागहैं, मिटिहि न मरिहै धोइ।।

इस दोहे का मतलब है कि कुछ लोगों का काम केवल दूसरों को नीचा दिखाना होता है। ऐसे लोग उनकी बुराई करके ही खुद का सम्मान पाना चाहते हैं। ऐसे लोगों के मुंह पर ऐसी कालिख पुत जाती है कि वो लाख बार धोने पर भी नहीं मिटती। 

तुलसी साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक। साहस सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक।
तुलसीदास जी कहते हैं कि मुसीबत आने पर मनुष्य का बचाव 7 गुण करेंगे। ये सात गुण विद्या, विनय, विवेक, साहस, कर्म, सत्यनिष्ठा और भगवान के प्रति आपका विश्वास है। 

तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहुं ओर। बसीकरन इक मंत्र है परिहरू बचन कठोर।
इस दोहे में तुलसीदास जी के कहने का मतलब है कि अच्छे बोल चारों तरफ अच्छा वातावरण पैदा कर देते हैं। अपनी वाणी के द्वारा ही आप लोगों को अपनी तरफ खींच सकते हैं। इसलिए हमेशा कठोर नहीं बल्कि मीठी बोली ही बोलनी चाहिए। 

अन्य खबरों के लिए करें क्लिक

राज को राज बनाए रखने के लिए मनुष्य को करना होगा ये एक काम, वरना किए-कराए पर फिर जाता है पानी

जरूरत के अनुसार न किया जाए ये काम, तो जिंदगी भर भुगतता है इंसान, दांव पर लग जाती है हर चीज

मनुष्य का ये एक गुण जीवन को बना सकता है अच्छा और बुरा, तोल-मोल के इस्तेमाल करने में ही समझदारी

अकेला व्यक्ति जीवन में कभी नहीं कर सकता ये काम, बार-बार की कोशिश भी होगी फेल

मुसीबत आने पर मूर्ख लोग ही सबसे पहले सोचते हैं ये एक चीज, नहीं किया बदलाव तो पड़ सकता है भारी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Features से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल