दही का इस्तेमाल: दही में विटामिन सी होता है लेकिन, जब बात घरेलू उपायों की आती है तो इसका साट्रिक एसिड काफी काम की चीज साबित होती है। लेकिन, इसके अलावा भी दही में एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण भी होते हैं जो कि आपके कई प्रकार से काम आ सकते हैं। साथ ही इसका पीएच बैलेंस करने वाला खास गुण भी कई समस्याओं में मददगार है। तो, आइए हम आपको बताते हैं दही के ऐसे 4 इस्तेमाल के बारे में जो कि कारगर घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल हो सकते हैं।
पैरों में जलन होने पर दही का इस्तेमाल (burning sensation in feet home remedies) कई प्रकार से कारगर माना जाता है। जैसे कि दही से मिलने वाली ठंडक आपके पैरों की जलन को कम करती है। ये नसों में जा कर गर्मी को कम करती है और बेहतर महसूस कराती है।
मुंह में छाले होने पर दही (curd in mouth ulcer) काफी कारगर तरीके से काम काम करती है। मुंह के छाले पेट गर्मी के साथ फूड इंफेक्शन के कारण भी हो सकते हैं। ऐसे में दही को फफोलों, जीभ समेत मुंह के अंदर लगाना इस छाले को कम करने में मददगार है। इसका एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण मुंह के छालों में कमी लाती है और इस समस्या से निजात दिलाती है।

वेजाइनल खुजली में दही (curd for vaginal itching) लगाना कई प्रकार से मददगार हो सकती है। ये असल में वेजाइनल पीएच को बैलेंस करती है और खुजली को कम करती है। इसके अलावा अगर कोई बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हुआ हो तो भी दही का इस्तेमाल वेजाइनल इंफेक्शन को कम कर सकती है।
स्किन इंफेक्शन चाहे वो बैक्टीरियल (curd for skin infection) हो या फंगल, दही का इस्तेमाल काफी कारगर तरीके से काम करती है। ये पहले तो इंफेक्शन को कम करती है और दूसरा ये स्किन में जलन व खुजली को शांत करती है। इस तरह ये स्किन इंफेक्शन की समस्या में कारगर तरीके से मददगार है।
संपादक की पसंद