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VIDEO: बदहाल श्मशान... बारिश में तिरपाल टांगकर शव का हुआ अंतिम संस्कार, आग की लपटों से जला

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jul 28, 2025 12:00 pm IST,  Updated : Jul 28, 2025 12:06 pm IST

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीरें आई हैं, जिसमें बारिश के बीच बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार तिरपाल टांगकर किया जा रहा है।

तिरपाल के नीचे शव का हुआ अंतिम संस्कार- India TV Hindi
तिरपाल के नीचे शव का हुआ अंतिम संस्कार

मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी राजगढ़ जिले में आज भी कई गांव हैं, जहां मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान तक नही हैं या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। ऐसा ही एक मामला खिलचीपुर विधानसभा के सादलपुर गांव से सामने आया है, जहां लोगों को अंतिम संस्कार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बदहाल स्थिति में श्मशान घाट 

सादलपुर के श्मशान घाट में गांव वालों को प्लास्टिक का तिरपाल लगाकर उसी के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ा। अंतिम संस्कार की ये तस्वीरें शर्मिंदा करने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली हैं। श्मशान घाट में मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव दिखाई दे रहा है। जिस जगह पर अंतिम संस्कार होता है, वहां छांव तक नहीं है। बारिश या धूप से बचने के लिए टीनशेड की कोई व्यवस्था नहीं है।

बारिश में हुआ अंतिम संस्कार

65 वर्षीय गोपीलाल दांगी के निधन के बाद जब लगातार बारिश हो रही थी, तो परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मजबूरन, उन्हें चारों ओर से प्लास्टिक का तिरपाल लगाकर उसी के नीचे चिता जलानी पड़ी। दुखद यह रहा कि जब चिता से आग की लपटें उठीं तो तिरपाल भी जल गया, जिससे परिजनों को और भी परेशानी हुई और उन्हें बरसते पानी के बीच बड़ी मुश्किल से अंतिम संस्कार पूरा करना पड़ा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बने ज्यादातर श्मशानों की स्थिति ऐसी ही है। सादलपुर के श्मशान घाट में न तो पक्की सड़क है, न पानी की व्यवस्था और न ही बिजली की। बैठने के लिए कुर्सियां जैसी मूलभूत सुविधाएं तो दूर की बात है। यहां तक कि शव दाह के लिए बने प्लेटफार्म पर टीनशेड की चादरें भी नहीं लगाई गई हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में ग्रामीणों को खुले में या टूटे-फूटे टीनशेड के नीचे तिरपाल लगाकर शव दाह करना पड़ता है। ग्राम पंचायत ने भी इस संबंध में कोई ठोस प्रयास नहीं किए हैं।

(रिपोर्ट- गोविंद सोनी)

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