मुंबई के प्रतिष्ठित नीता अंबानी जूनियर स्कूल में एडमिशन दिलाने के नाम पर चल रहे एक फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया है कि महफूज जाकी अहमद शेख उर्फ राजेश कोटवानी नाम का व्यक्ति अभिभावकों को एडमिशन दिलाने का झांसा देकर बड़ी रकम ऐंठ रहा था। आरोपी ने दो अलग-अलग अभिभावकों से 9.39 लाख और 15 लाख रुपये की मांग की थी।
पेरेंट्स को यूं फंसाता था अपने जाल में
इस पूरे रैकेट में ट्रैफिक विभाग के कांस्टेबल अमोल अवघड़े की भी संलिप्तता सामने आई है। हैरान करने वाली बात है कि ई-चालान मशीन से डेटा निकालकर पेरेंट्स को ठगा जाता था। ट्रैफिक कांस्टेबल अपने पास मौजूद ई-चालान मशीन का गलत इस्तेमाल कर स्कूल परिसर में आने वाले वाहनों के नंबर के आधार पर अभिभावकों के नाम और मोबाइल नंबर निकालता था और यह जानकारी आरोपी को उपलब्ध करवाता था। इसी डाटा का उपयोग कर शेख अभिभावकों तक पहुंचता और उन्हें एडमिशन का लालच देता था। कई लोग शेख की बातों में आ गए और अपने पैसे गंवा बैठे।
पुलिस डिपार्टमेंट ने कांस्टेबल को किया सस्पेंड
मामले की शिकायत स्कूल प्रशासन ने पुलिस से की, जिसके बाद बीकेसी थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान कांस्टेबल अमोल अवघड़े की भूमिका स्पष्ट होने पर उसे पुलिस विभाग से सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्य आरोपी शेख पर इससे पहले भी इसी तरह की कई धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस ने इस मामले में व्यापक जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रैकेट में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
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