वंदे मातरम् विवाद: ओवैसी की पार्टी के विधायक ने कहा, हम भारत की पूजा नहीं करते, सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं

मुनगंटीवार के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र की मालेगांव सेंट्रल सीट से विधायक मुफ्ती इस्माइल ने कहा, हम भारत की पूजा नहीं करते हैं।

Reported By : Dinesh Mourya Edited By : Vineet Kumar Updated on: August 17, 2022 16:32 IST
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Image Source : FACEBOOK.COM/MUFTIISMAILMLA AIMIM विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी की एक फाइल फोटो।

मुंबई: असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM के एक विधायक ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। पार्टी के विधायक मुफ्ती इस्माइल अब्दुल खलीक ने कहा है कि ‘वंदे मातरम्’ कहने से देश का सम्मान नहीं बढ़ता है और सरकार को ऐसा कोई आदेश नहीं निकालना चाहिए जो सेक्युलरिज्म की भावना के खिलाफ हो। बता दें कि महाराष्ट्र में सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने रविवार को कहा था कि राज्य सरकार के सभी अधिकारियों को दफ्तरों में फोन कॉल उठाने पर 'हेलो' के बजाय 'वंदे मातरम' कहना होगा।

‘हम देश की पूजा नहीं करते हैं’

मुनगंटीवार के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र की मालेगांव सेंट्रल सीट से विधायक मुफ्ती इस्माइल ने कहा, ‘हम भारत की पूजा नहीं करते हैं। हम देश की पूजा नहीं करते हैं। वंदे मातरम् से देश का सम्मान बढ़ने वाला नहीं है। यह एक सेक्युलर मुल्क है। मंत्री को सभी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। मंत्री ऐसा आदेश न निकालें।’ विधायक ने कहा कि वंदे मातरम् का अर्थ है कि हम आपकी पूजा करते हैं, जबकि इस्लाम के मुताबिक हम सिर्फ अल्लाह की पूजा करते है। इस्माइल ने कहा कि हम अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत नहीं कर सकते।

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एक कार्यक्रम के दौरान विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी।

‘देश की पूजा हमारे यहां गलत है’
इस्माइल ने कहा, ‘हम देश की पूजा नहीं करते, धरती की पूजा नहीं करते, किसी अन्य की पूजा भी नहीं करते हैं। हर चीज की एक हद होती है। देश की पूजा करना हमारे यहां गलत है। हर किसी का यह व्यक्तिगत मसला है। मैं धर्म के आधार पर यह बात कर रहा हूं। वंदे मातरम् से देश का सम्मान बढ़ने वाला नहीं है।’ बता दें कि वंदे मातरम् को लेकर पहले भी इस तरह के विवाद सामने आते रहे हैं। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी एक बार कथित तौर पर वंदे मातरम् गाने से मना कर दिया था और उनका वह वीडियो काफी वायरल हुआ था।

मुनगंटीवार ने पीछे खींचे कदम
इस बीच विपक्षी दलों द्वारा की गई आलोचना के बाद मुनगंटीवार ने मंगलवार को कहा कि अधिकारियों के लिए फोन कॉल उठाने के बाद ‘वंदे मातरम्’ कहना अनिवार्य नहीं है, और इसकी बजाय वे राष्ट्रवाद को प्रदर्शित करने वाला अन्य कोई समानार्थी शब्द इस्तेमाल कर सकते मुनगंटीवार ने रविवार को कहा था कि देश अमृत महोत्सव मना रहा है, लिहाजा राज्य सरकार के सभी अधिकारियों को अगले साल 26 जनवरी तक कार्यालयों में फोन कॉल उठाने के बाद हैलो के बजाय ‘वंदे मातरम्’ कहना होगा और 18 अगस्त तक इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।

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