राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 वर्षों से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी उदघोषित अपराधी मौलाना हासिम को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पहचान और ठिकाने बदल-बदल कर पुलिस से बचता फिर रहा था।
पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन एवं थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मानवीय आसूचना एवं तकनीकी सहयोग के साथ-साथ भेष बदलकर रेकी करते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
धोखाधड़ी कर हड़पे थे 5 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2010 को परिवादी ने नवलगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मौलाना हासिम मदरसे में पढ़ाने एवं धार्मिक कार्यों के नाम पर गांव-गांव व शहरों में चंदा एकत्र करता था। आरोपी ने अपने एक कथित रिश्तेदार के कैंसर इलाज का हवाला देकर 5 से 6 लाख रुपये की आवश्यकता बताई और मकान के कागजात अमानत के तौर पर देने का भरोसा दिलाया।
22 जून 2010 को परिवादी ने विश्वास में आकर मौलाना हासिम को 5 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया और मदरसा फिरोजपुर झिरका से भी फरार हो गया। इस पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था
जांच पूरी होने पर 23 दिसंबर 2010 को आरोपी के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय द्वारा मौलाना हासिम को मफरूर (भगोड़ा) घोषित कर दिया गया। पुलिस द्वारा लगातार तलाश के बावजूद वह हाथ नहीं आया।
कैरोली जिले के टोडाभीम से हुई गिरफ्तारी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने फाइनेंसर का भेष धारण कर उसके रहवास क्षेत्र में रेकी की। पहचान पुख्ता होने पर 4 जनवरी 2026 को पुलिस ने पहाड़ी बालघाट, टोडाभीम (जिला करौली) से आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मौलाना हासिम पुत्र घसीटा, भरतपुर जिले के सहानका का रहने वाला है।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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