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कोटा: मरीज का ऑपरेशन, बाहर बैठे परिजन को भी लगा दिया चीरा, बाल-बाल बची जान, अस्पताल की लापरवाही पर हंगामा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 18, 2025 12:03 pm IST,  Updated : Apr 18, 2025 12:03 pm IST

डॉक्टरों ने मरीज का नाम पुकारा तो एक मरीज के परिजन उसी नाम के थे। ऐसे में डॉक्टरों ने मरीज के परिजन के हाथ में ही चीरा लगा दिया। हालांकि, समय रहते गलती पकड़ में आ गई और कोई अनहोनी नहीं हुई।

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मरीज के परिजन के हाथ में लगा चीरा Image Source : INDIA TV

मेडिकल कॉलेज कोटा के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में एक मरीज के अटेंडेड को ऑपरेशन थिएटर में ले जाने और चीरा लगा देने का मामला सामने आया है। हालांकि, समय रहते गलती पकड़ में आ गई, जिससे मरीज का ऑपरेशन नहीं हुआ। इस घटनाक्रम के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच करने की बात कही है। यह घटना 12 अप्रैल की है। 

12 अप्रैल को अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी डिपार्टमेंट में एक मरीज के हाथ में डायलिसिस फिस्टुला बनाना था। यह हाथ में चीरा लगाकर नसों को जोड़कर बनाया जाता है, ताकि मरीज की डायलिसिस आसानी से हो सके। इसी नाम के एक मरीज के अटेंडेंट अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे हुए थे, जिसके बेटे का ऑपरेशन प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट कर रहा था।

समय रहते पहुंचे डॉक्टर

ऑपरेशन थिएटर के बाहर स्टाफ ने आकर जैसे ही आवाज दी, तब जगदीश नाम के अटेंडेंट ने हाथ ऊंचा कर दिया। इसके बाद स्टाफ उसे अंदर ले गया और ऑपरेशन थिएटर में टेबल पर लिटा दिया। उसके हाथ में फिस्टुला बनाने के लिए चीरा भी लगा दिया गया। इसी दौरान उसके बेटे का इलाज कर रहे डॉक्टर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि यह तो उनके मरीज का अटेंडेंट है। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और हड़कंप मच गया।

अटेंडेंट को टांके लगाकर वापस भेजा

इस घटना के बाद इस मरीज के वापस टांके लगाए गए। उसे ओटी से वापस उसके बेटे के वार्ड में भेज दिया गया। बाद में जिस मरीज का डायलिसिस फिस्टुला बना था, उसका फिस्टुला बनाया गया, जिसे 13 तारीख को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। 

ओटी में भी फॉलो नहीं हुआ प्रोसीजर

जिस व्यक्ति के साथ यह घटना हुई है, वह पैरालाइज्ड है। ठीक से बोल नहीं पाता है। इसीलिए जब उससे पूछा गया तो वह कुछ भी नहीं बोल पाया और डॉक्टर ने भी प्रोसीजर शुरू कर दिया। दूसरी तरफ ऑपरेशन थिएटर में भी प्रोसीजर फॉलो नहीं हुआ है। ओटी में मरीज को ले जाने के पहले उसे ओटी की ड्रेस पहनाई जाती है, लेकिन इस मरीज ने ड्रेस भी नहीं पहनी हुई थी।  दूसरी तरफ हाथ में डायलिसिस फिस्टुला बनाने के लिए बाल हटाए जाते हैं और सफाई की जाती है, वह भी नहीं हुई थी। इसके बावजूद भी डॉक्टर ने ध्यान नहीं दिया। हालांकि, यह काफी छोटा प्रोसीजर था, इसलिए डॉक्टर ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।

तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच

मरीज के साथ डॉक्टर्स की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी।

(कोटा से केके शर्मा की रिपोर्ट)

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