Shiv Abhishek on Kaal Bhairav Jayanti: काल भैरव जयंती के दिन भक्त विशेष रूप से शिव और कालभैरव की पूजा करते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन राशि अनुसार अभिषेक करना चाहिए। देवों के देव महादेव जलाभिषेक, रुद्राभिषेक या दुग्धाभिषेक से शीघ्र प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से साधक की हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन से कष्ट दूर होते हैं। राशि अनुसार शिव अभिषेक करने से सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का संचार होता है। चलिए जानते हैं कि राशि के अनुसार आपको आज के दिन कौन-कौन सी चीजों से भगवान भोलनाथ का अभिषेक करना चाहिए।
काल भैरव जयंती का महत्व
काल भैरव भगवान शिव के रौद्र रूप हैं। इस दिन पूजा करने से भय, पाप और बाधाओं का नाश होता है। भक्त अपनी क्षमता अनुसार दान-पुण्य करते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति भक्ति भाव से शिवजी का अभिषेक करता है, उसे कालभैरव देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कालभैरव देव शीघ्र प्रसन्न होकर साधक के जीवन से सभी दुख हर लेते हैं।
भैरव कृपा से मिटेंगे कष्ट
मान्यता है कि काल भैरव जयंती पर श्रद्धापूर्वक किया गया अभिषेक जीवन के संकट दूर करता है। काशी के कोतवाल कहलाने वाले भैरव देव की कृपा से साधक को धन, सौभाग्य, आत्मविश्वास और मोक्ष का वरदान प्राप्त होता है।
राशि अनुसार करें शिवजी का अभिषेक
मेष राशि: गंगाजल में शहद मिलाकर शिवजी का अभिषेक करें।
वृषभ राशि: गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करना शुभ रहेगा।
मिथुन राशि: गंगाजल में बेलपत्र मिलाकर अभिषेक करें।
कर्क राशि: स्नान के बाद शुद्ध घी से अभिषेक करें।
सिंह राशि: गंगाजल में सुगंध मिलाकर शिवजी को स्नान कराएं।
कन्या राशि: गंगाजल में दूर्वा मिलाकर अभिषेक करें।
तुला राशि: शुद्ध दही से शिवजी का अभिषेक करना लाभकारी रहेगा।
वृश्चिक राशि: गंगाजल में मिश्री मिलाकर अभिषेक करें।
धनु राशि: गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें।
मकर राशि: गंगाजल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें।
कुंभ राशि: गंगाजल में शमी के पत्ते मिलाकर अभिषेक करें।
मीन राशि: गंगाजल में मदार के पत्ते मिलाकर शिवजी को स्नान कराएं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: Kaal Bhairav Jayanti: काशी के कोतवाल, जिनसे काल भी डरता है! जानिए क्यों कहलाते हैं कालभैरव 'काशी के कोतवाल'
संपादक की पसंद