Singh Sankranti 2022: सिंह संक्रांति कल, इन 5 राशि वालों की चमकने वाली है किस्मत

Singh Sankranti: सिंह संक्रांति से विभिन्न राशि वालों पर क्या प्रभाव होगा, सूर्य देव उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और आपको कौन से उपाय करने चाहिए ये सब जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

Sushma Kumari Written By: Sushma Kumari @ISushmaPandey
Updated on: August 16, 2022 16:51 IST
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Highlights

  • वृष राशि वालों को सभी प्रकार का लाभ मिलेगा।
  • सूर्यदेव मिथुन राशि वाले जातकों के तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे।

Singh Sankranti: 17 अगस्त को सूर्य की सिंह संक्रांति हैं। इस दिन सूर्य देव सिंह राशि मे प्रवेश करेंगे और जिस दिन सूर्य किसी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन सूर्य की संक्रांति होती है। 17 अगस्त सुबह 7 बजकर 23 मिनट  से सूर्य सिंह राशि मे गोचर करेंगे। सूर्य के सिंह संक्रांति के पुण्यकाल के दौरान पवित्र नदियों मे स्नान और दान का बड़ा ही महत्व होता हैं। इस दिन आप सूर्योदय मे उठ कर तांबे के लोटे मे गंगा जल लेकर उसमे लाल पुष्प,थोड़ी सी रोली,थोड़े से अक्षत और उसमे थोड़ा सा गुड़  मिला कर सूर्य देव को अर्घ देने से आपको  शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इसके अलावा सूर्य की सिंह संक्रांति का पुण्यकाल 17 अगस्त सुबह 7 बजकर 23 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। आप इस समय के बीच कभी भी स्नान –दान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही 17 अगस्त से लेकर 17 सितंबर तक विभिन्न राशियों पर सूर्य देव के अलग अलग प्रभाव होंगे क्योंकि सूर्य देव 17 सितंबर तक ही सिंह राशि मे रहेंगे। इस दौरान इस दिन से लेकर अगले 17 सितंबर तक सूर्य उदय का विभिन्न राशि वालों पर क्या प्रभाव होगा, सूर्य देव उनके किस स्थान पर  गोचर करेंगे और आपको कौन से उपाय करने चाहिए ये सब जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

मेष राशि

मेष राशि

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मेष राशि

सूर्यदेव आपके जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में पांचवा स्थान बच्चों से, शिक्षा से और आपके मनी मैटर से संबंध रखता है। साथ ही यह स्थान आपके भविष्य कथन से भी संबंध रखता है। इसलिए आपके बच्चे आपका मान सम्मान समाज मे बढ़ाएंगे ,शिक्षा के फील्ड मे और अपने भविष्य को अच्छा करने के लिए आपको ये उपाय करने चाहिए - 17 सितम्बर तक रोज सुबह स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को नमस्कार करें। इससे आपके बच्चों से संबंध अच्छे होंगे और आपको भविष्य मे अच्छे परिणाम मिलेंगे।

वृष राशि

सूर्यदेव आपके कुंडली में चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। कुंडली में चौथा स्थान भूमि,वाहन और माता से संबंध रखता है। इस महीने आप अपनी माता की सेवा से पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। अचानक वाहन लाभ होने के योग बनेंगे। इसलिए सभी प्रकार से भूमि ,वाहन और माता का सुख और सम्पन्नता पाने के लिए मन्दिर या किसी धर्मस्थल पर नारियल या बादाम दान करें। इससे आपको सभी प्रकार का  लाभ मिलेगा।                                                                                                                              

मिथुन राशि

सूर्यदेव आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में तीसरा स्थान भाई-बहनों से संबंध रखता है। साथ ही यह स्थान आपकी अभिव्यक्ति से भी संबंध रखता है। इसलिए भाई-बहनों से संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए और अपनी अभिव्यक्ति की आजादी को बनाए रखने के लिए 17 सितम्बर तक रोज सुबह स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को नमस्कार करें। इससे आपके भाई-बहनों से संबंध अच्छे होंगे और आपकी अभिव्यक्ति की आजादी बनी रहेगी। 

कर्क राशि

कर्क राशि

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कर्क राशि

सूर्यदेव आपके कुंडली में दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। कुंडली में दूसरा स्थान धन से संबंध रखता है। इस महीने सूर्य़देव आपके धन के भण्डार भरेंगे। अचानक धन लाभ होने के योग बनेंगे। इसलिए अपने पास धन की गति को निरंतर बनाये रखने के लिए और आर्थिक रूप से सम्पन्नता पाने के लिए मन्दिर या किसी धर्मस्थल पर नारियल या बादाम दान करें। इससे आपको आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। 

सिंह राशि

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सिंह राशि

सूर्यदेव आपके पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में पहला स्थान लग्न का स्थान होता है, यानि आपका खुद का स्थान होता है। इसलिए इस स्थान पर सूर्यदेव के गोचर से आपको कई तरह के फायदे होंगे। अपनी मेहनत के बल पर आपको धन की प्राप्ति होगी, आपके यश-सम्मान में बढ़ोतरी होगी, आपके प्रेम-संबंधों में मजबूती आयेगी।  साथ ही आपकी संतान को भी न्यायालय से लाभ मिलेगा। इसलिए इस दौरान इन सब चीज़ों का लाभ पाने के लिए आपको सूर्यदेव के मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र है- 'ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम'

कन्या राशि

सूर्यदेव आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में बारहवें स्थान का संबंध शैय्या सुख से है,परन्तु साथ ही इस स्थान का संबंध व्यय से भी है। सूर्य के इस गोचर से आपको शैय्या सुख पाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, साथ ही आपके खर्चें भी बढ़ेंगे। इसलिए शैय्या सुख से संबंधित परेशानी से छुटकारा पाने के लिए और बढ़ते खर्चों पर रोक लगाने के लिए सुबह के समय अपने घर के खिड़की, दरवाजे खुले रखें, ताकि आपके घर के अन्दर सूर्य की उचित रोशनी आ सके।

तुला राशि

सूर्यदेव आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में ग्यारहवें स्थान का संबंध आमदनी और कामना पूर्ति से है। सूर्य़ के इस गोचर से आपकी आमदनी की गति थोड़ी धीरे होती है। पैसे मिलने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिये आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है | इसलिए आमदनी में बढ़ोतरी के लिए और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए रात के समय अपने सिरहाने पर 5 बादाम रखकर सोएं और अगले दिन सुबह उठकर उन्हें किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर दान कर दें।

वृश्चिक राशि

सूर्यदेव आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में दसवें स्थान का संबंध राज्य और पिता से है। सूर्य़ के इस गोचर से आपको अपने करियर में तरक्की मिलेगी और साथ ही आपके पिता के भी हर काम बनेंगे। इसलिए अपने करियर में तरक्की पाने के लिए और पिता के कार्यों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए-17 अगस्त से 17 सितम्बर तक सिर ढक्कर रखें और सफेद या ऑफ व्हाइट रंग की टोपी या पगड़ी पहनें।

धनु राशि

सूर्यदेव आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में नवें स्थान का संबंध भाग्य से होता है। इसलिए इस स्थान पर सूर्यदेव के गोचर से आपको अपने कार्यों में भाग्य का साथ मिलेगा। आपके सारे काम एक-एक करके बनने लगेंगे। इन सबका लाभ उठाने के लिए आने वाले 17 सितम्बर तक घर में पीतल के बर्तन उपयोग में लाएं और किसी को पीतल की कोई चीज दान में या गिफ्ट में न दें। साथ ही पीतल की कोई चीज़ न बेचें। 

मकर राशि

मकर राशि

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मकर राशि

सूर्यदेव आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में आठवें स्थान का संबंध हमारे स्वास्थ्य से है। इसलिए अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए,लंबी आयु की प्राप्ति के लिए इस दौरान बड़े भाई का सहयोग करें या घर का मुख्य द्वार दक्षिणवर्ती न रखें।

कुंभ राशि

सूर्यदेव आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में सातवें स्थान का संबंध जीवनसाथी से है, आपके दाम्पत्य जीवन से है। सूर्य के इस गोचर से आपके एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन बनने की संभावना है। इसलिए जीवनसाथी के साथ अपने संबंध बेहतर करने के लिए और दाम्पत्य जीवन में प्यार को बरकरार रखने के लिए इस दौरान गुरु का उपाय करें या किसी का अपमान ना करें।

मीन राशि

मीन राशि

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मीन राशि

सूर्यदेव आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में छठे स्थान का संबंध मित्र और शत्रुओं से होता है। इसलिए आपके जीवन में अगर शत्रुओं की अधिकता हो गई है और दोस्तों की गिनती में कमी आ रही है तो अपने मित्रों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए और अपने कामों में दोस्तों का सहयोग पाने के लिए मन्दिर में बाजरे का दान करें। साथ ही बन्दर को गुड़ खिलाएं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। इंडिया टीवी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता।)

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