Bel Patra Rules: बेलपत्र का पत्ता शिवजी को अत्यंत प्रिय है। एक भोलेनाथ ही हैं जो दो बेलपत्र और एक लोटा जल में भी प्रसन्न हो जाते हैं। महादेव की पूजा में भक्त कई चीजें अर्पित करते हैं लेकिन बेलपत्र के बिना उनकी उपासना अधूरी मानी जाती है। हिंदू धर्म में बेल के पेड़ का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेल के पेड़ में भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती और मां लक्ष्मी के अलावा कई देवी-देवताओं का वास रहता है। तो आइए जानते हैं बेल पत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में।
शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते हैं। शिवलिंग पर 3 से लेकर 11 बेलपत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है लेकिन आप इससे अधिक बेल पत्र भी चढ़ा सकते हैं। वहीं शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि पत्ते का चिकना भाग शिवलिंग पर रहे। साथ ही शिवजी को कटा-फटा बेलपत्र भी नहीं चढ़ाना चाहिए। जिस बेलपत्र पर धारियां हो उसे भी शिवलिंग पर नहीं अर्पित किया जाता है।
इस साल सावन माह 4 जुलाई से शुरू हो रहा है जो कि 31 अगस्त 2023 तक रहेगा। सावन में भोलेनाथ की पूजा का विधान है। इस महीने में जो भी व्यक्ति सच्चे दिल से शिवजी की पूजा करता है उसे शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं शीघ्र मनोकामना पूर्ति के लिए सावन में सोमवार का व्रत और महादेव की विधिवत पूजा जरूर करें। आपको बता दें कि सावन का पहला सोमवार का व्रत 10 जुलाई 2023 को रखा जाएगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। इंडियाटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
Sawan 2023: इस दिन से शुरू हो रहा है शिवजी का प्रिय सावन मास, जान लीजिए सोमवार पूजा विधि
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