Garud Puran: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के महापुराणों में से एक है। इस पुराण में भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच का संवाद वर्णित है। गरुड़ पुराण में मृत्यु, पुनर्जन्म, स्वर्ग और नरक के बारे में काफी कुछ लिखा गया है। इसके साथ ही जीवन जीने की नीतियां, आयुर्वेद आदि के बारे में भी इस पुराण में काफी कुछ बताया गया है। आज गरुड़ पुराण के जरिए हम जानेंगे कि हमारे कौन से कर्म हमें अगले जन्म में क्या बना सकते हैं।
धर्म के अनुसार न चलने वालों की गति
जो लोग धर्म का पालन नहीं करते, सच्चाई के मार्ग पर नहीं चलते और दूसरों का अहित करते हैं ऐसे लोगों को अगले जन्म में गधे और कुत्ते की योनि में जन्म लेना पड़ता है। वहीं मृत्यु के उपरांत अगली योनि में जन्म लेने तक ऐसे लोग भटकते रहते हैं।
अवैध संबंध बनाने वालों की गति
अगर कोई पुरुष शादी के बाद पराई स्त्री से संबंध रखता है तो ऐसे पुरुष का जन्म सांप, सियार और गिद्ध के रूप में हो सकता है। वहीं अगर कोई स्त्री शादी के बाद पराए पुरुष के साथ संबंध बनाती है तो ऐसी महिला को अगले जन्म में चमगादड़ की योनि मिलती है।
हत्या करने वालों की गति
जो लोग किसी व्यक्ति की हत्या इस जन्म में करते हैं उन्हें अगले जन्म में कोढ़ का रोग हो सकता है। इसके साथ ही जो लोग भ्रूण की हत्या करते हैं उनका अगला जन्म चांडाल के रूप में होता है। ऐसे लोगों को अपने अगले जन्म में कई प्रताड़नाएं झेलनी पड़ सकती हैं।
झूठी गवाही देने वालों की ये गति
किसी को लेकर गलत बयानबाजी या किसी को फंसाने के लिए झूठी गवाही देने वालों की गति भी बहुत बुरी होती है। ऐसे लोगों को अगले जन्म में अंधा बनकर पैदा होना पड़ता है और आजीवन ऐसे लोग दर-दर की ठोकरें खाते हैं।
घर में लड़ाई-झगड़ा और कलह करने वालों की ऐसी गति
जो लोग घर में लड़ाई-झगड़ा करते हैं और घर के माहौल को हमेशा अशांत बनाते हैं ऐसे लोगों को अगले जन्म में जौंक या जलचर के रूप में जन्म लेना पड़ता है।
महिलाओं पर अत्याचार करने वालों की ऐसी गति
जो लोग महिलाओं का अपमान करते हैं उनपर हाथ उठाते हैं उनको गरुड़ पुराण के अनुसार अगल जन्म में त्वचा से संबंधित रोग हो सकते हैं और आजीवन त्वचा रोगों से ऐसे लोग पीड़ित रह सकते हैं।
माता-पिता और भाई-बहनों का सम्मान न करने वालों की ऐसी गति
जो लोग अपनी माता-पिता का अपमान करते हैं और भाई-बहनों के साथ भी अच्छा व्यवहार नहीं करते उनकी मृत्यु अगले जन्म में गर्भ में ही हो सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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