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चीन की पोल खोलने वाले को अमेरिका ने दी शरण, उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के जारी किए थे वीडियो

अमेरिका की इमिग्रेशन अदालत ने चीन के नागरिक गुआन हेंग को शरण दे दी है। उन्होंने शिनजियांग में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के वीडियो जारी किए थे। गुआन ने अमेरिका में अवैध रूप से एंट्री ली थी लेकिन जज ने माना कि चीन लौटने पर उन्हें गंभीर उत्पीड़न का खतरा है।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Jan 29, 2026 07:36 am IST, Updated : Jan 29, 2026 07:36 am IST
China whistleblower asylum, Uyghur Muslims persecution, Xinjiang detention camps- India TV Hindi
Image Source : AP गुआन हेंग।

वॉशिंगटन: अमेरिका के एक इमिग्रेशन जज ने बुधवार को चीन के एक नागरिक को अवैध तरीके से देश में घुसने के बावजूद शरण देने का फैसला सुनाया। जज ने कहा कि अगर इस व्यक्ति को चीन वापस भेजा गया तो उसे उत्पीड़न का गंभीर खतरा है। 38 साल के गुआन हेंग को चीन में मानवाधिकारों के उल्लंघनों को उजागर करने के लिए जाना जाता है। हेंग ने 2021 में अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के बाद शरण की मांग की थी। अगस्त में ट्रंप प्रशासन की बड़ी डिपोर्टेशन मुहिम के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था, तब से वह हिरासत में थे।

गुआन ने रिकॉर्ड किए थे कई अहम वीडियो

शुरुआत में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने गुआन को युगांडा भेजने की योजना बनाई थी, लेकिन दिसंबर में इस प्लान को खारिज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ऐसा गुआन की हालत पर जनता के रुख को देखते हुए किया गया था। बता दें कि गुआन ने 2020 में चीन के शिनजियांग इलाके में हिरासत केंद्रों की चुपके से वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिनजियांग में चीन मानवाधिकारों की जमकर धज्जियां उड़ा रहा है। यहां एक करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, जिनमें से अधिकांश उइगर मुसलमान हैं, कैद में रखे गए हैं।

चीन से इक्वाडोर होते हुए अमेरिका पहुंचे

बुधवार को न्यूयॉर्क के नपानोच में हुई सुनवाई में जब गुआन से पूछा गया कि क्या उन्होंने शरण पाने के लिए ही हिरासत केंद्रों की वीडियो बनाई और अमेरिका आने से कुछ दिन पहले जारी की, तो गुआन ने इससे इनकार कर दिया। ब्रूम काउंटी करेक्शनल फैसिलिटी से वीडियो लिंक के जरिए ट्रांसलेटर की मदद से गुआन ने कोर्ट से कहा, 'मुझे उन उइगरों पर दया आई जो सताए जा रहे थे।' गुआन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि वीडियो जारी करने के लिए उनका चीन से बाहर आना जरूरी था। वह पहले हांगकांग गए, फिर इक्वाडोर पहुंचे जहां चीनी पर्यटकों को वीजा की जरूरत नहीं पड़ती।

गुआन को नहीं थी जिंदा बचने की उम्मीद

गुआन ने कहा कि इक्वाडोर के बाद वह बहामास गए और फिर अमेरिका पहुंचे। अक्टूबर 2021 में फ्लोरिडा पहुंचने से पहले उन्होंने ज्यादातर वीडियो यूट्यूब पर जारी कर दिए। गुआन ने जज को बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह नाव से यात्रा के दौरान जिंदा बच पाएंगे, इसलिए वह चाहते थे कि वीडियो दुनिया देखे। वीडियो जारी होने के बाद चीन में पुलिस ने उनके पिता से 3 बार पूछताछ की। चीन की सरकार शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों से इनकार करती है, और उसका कहना है कि ये वोकेशन सरकार का कहना है कि ये 'वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम' हैं जो स्थानीय लोगों को नौकरी के काबिल बनाते हैं और उनके दिमाग से कट्टरता को खत्म करते हैं।

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