Neem Karoli Baba: नीम करोली धाम जिसे कैंची धाम के नाम से भी जाना जाता है उत्तराखंड के कुमाऊं में स्थित है। बड़ी संख्या में भक्त यहां बाबा के दर्शन करने आते हैं। आश्रम के पास ही ऊपर की ओर हनुमान जी का एक मंदिर भी स्थित है। कैंची धाम में न केवल भारतीय बल्कि विदेशों से भी कई भक्त आते हैं। बाबा नीम करोली ने 10 दिसंबर 1973 को अपना भौतिक शरीर त्याग दिया था इसके बाद उनकी अस्थियों से युक्त कलश को कैंची धाम में स्थापित किया गया था। 1974 में यहां मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। बाबा आज भी यहां आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।
माना जाता है कि नीम करोली धाम गए भक्त के सभी दुख बाबा दूर कर देते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे कार्यों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिन्हें यदि आप नीम करोली धाम जाकर करते हैं तो आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।
नीम करोली धाम में जाकर बाबा को कंबल चढ़ाने से शुभ फल आपको प्राप्त होते हैं। कंबल सादगी और आसक्तियों से मुक्ति को दर्शाता है इसलिए बाबा को कंबल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। कंबल चढ़ाने से बाबा भक्तों पर अपनी अनुकंपा बरसाते हैं।
कैंची धाम में जाकर अगर श्रद्धापूर्वक आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो जिस इच्छा के साथ आप बाबा के धाम में पहुंचे हैं वो पूरी होती है। आप कैंची धाम में जाकर 3, 7 या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
हिंदू धर्म में दान का बड़ा महत्व है। इसलिए नीम करोली बाबा के धाम में पहुंचकर भी आपको जरूरतमंद लोगों को दान अवश्य करना चाहिए। आपके द्वारा जरूरतमंदों की मदद करने से बाबा का आशीर्वाद आप पर बरसता है और जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी परेशानी दूर हो जाती है।
बाबा नीम करोली धाम में जाकर आपको आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। यहां जाकर ध्यान और साधना करने से आलौकिक अनुभव आपको प्राप्त होते हैं। वहीं बाबा भी ध्यान करते भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। आपकी सांसारिक इच्छा हो या आध्यात्मिक बाबा उसे पूरा कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)
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