बुधवार को सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी की सभी 8 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
आज बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद से ही उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था, लेकिन बाजार बंद होने से महज कुछ मिनट पहले जोरदार तेजी देखने को मिली।
सेक्टोरल लेवल की बात तो मेटल सेक्टर के अलावा अन्य सभी सेक्टर लाल निशान में व्यापार कर रहे हैं। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरिएन्स और रियल्टी सेक्टर में 1% की गिरावट आई है।
विदेशी निवेशकों की लगातार जारी बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है। आज भारतीय रुपया नया ऑल-टाइम लो छूने से निवेशकों की चिंता और बढ़ गई, जिसका असर शेयर बाजार पर साफ़ तौर पर देखने को मिला।
शुक्रवार को बाजार सावधानी के साथ बढ़त की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। हालांकि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है, लेकिन घरेलू खरीदारी इंडेक्स को मजबूती प्रदान करेगी।
घरेलू शेयर मार्केट पर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों का असर दिखा। सेक्टर के लिहाज से देखें तो रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
कल सेंसेक्स 1065.71 अंकों (1.28 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ 82,180.47 अंकों पर और निफ्टी 353.00 अंकों (1.38 प्रतिशत) के बड़े नुकसान के साथ 25,232.50 अंकों पर बंद हुआ था।
मंगलवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ HDFC Bank के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी की सभी 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 14 कंपनियों के शेयर ही हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 16 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।
भू-राजनीतिक तनाव और अन्य संकेतों की वजह से ग्लोबल मार्केट में भी सुस्ती देखी जा रही है, जिसका असर घरेलू मार्केट पर है।
मंगलवार को सेंसेक्स 250.48 अंकों (0.30%) की गिरावट के साथ 83,627.69 अंकों पर और निफ्टी 57.95 अंकों (0.42 प्रतिशत) के नुकसान के साथ 25,732.30 अंकों पर बंद हुआ था।
आज एक बार फिर बाजार ने करवट बदल ली और फिर नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुआ।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 301.93 अंकों (0.36%) की तेजी के साथ 83,878.17 अंकों पर बंद हुआ।
शुक्रवार को खत्म हुए सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 1,58,532.91 करोड़ रुपये गिरकर 19,96,445.69 करोड़ रुपये पर आ गया।
शुरुआती सत्र में आज सेक्टोरल आधार पर रियल्टी, पावर, मीडिया और हेल्थकेयर शेयरों में 0.5% से 1% की कमजोरी रही। हालांकि टेलीकॉम, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में करीब 0.5% की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव के चलते शेयर बाजार में लगातार कमजोरी का रुख देखा जा रहा है। आज कैपिटल गुड्स और रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सोने और चांदी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण सोने की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
आज की इस गिरावट के बीच, आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली। इससे पहले, सोमवार और मंगलवार को भी बाजार ने गिरावट के साथ कारोबार बंद किया था।
ब्रॉडर इंडेक्स भी शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में बीएसई मिडकैप 13.74 अंक गिरा। टाइटन कंपनी, जुबिलेंट फूडवर्क्स, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, लोढ़ा डेवलपर्स सहित कई कंपनियों पर निवेशकों की आज खास नजर है।
मंगलवार को टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भयावह गिरावट दर्ज की गई।
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