इस बार केदारनाथ धाम में मई अंतिम सप्ताह में भी बर्फबारी हो रही है, जो कि एक रिकॉर्ड है। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। यात्रियों को मौसम को देखते हुए धाम भेजा जा रहा है। साथ ही मौसम खराब होने पर यात्रियों को रोका जा रहा है।
बद्रीनाथ धाम मंदिर के बाहर क्यूआर कोड मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। यह टीम मामले की जांच कर इस बात का खुलासा करेगी कि आखिर इस साजिश के पीछे कौन है? किन लोगों ने बिना प्रशासन को जानकारी दिए मंदिर परिसर के बाहर क्यूआर कोड लगाया
इस वीडियो को न्यूज एजेंसी ANI ने शेयर किया है। पुलिस ने इस घटना के बाद गौचर, कर्णप्रयाग और लंगासू में बैरियर लगा दिया है। साथ ही बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को रुकने को कहा गया है।
बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम में लगातार तापमान में गिरावट देखी जा रही है, जिससे यहां पर ठंड काफी बढ़ गई है, जिसका असर बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। केदारनाथ धाम में अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं बद्रीनाथ मंदिर के साथ ही धाम में स्थित प्राचीन मठ-मंदिरों को भी फूलों से सजाया गया है। मुख्य मंदिर को 15 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है।
चारधाम यात्रा में मौसम से यात्रियों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े, इसके लिए पुलिस ने कमर कस ली है। वहीं, मौसम विभाग ने भी यात्रियों को मौसम के बेहतर होने के बाद ही यात्रा में आने को कहा है।
जोशीमठ में तिमुंडिया मेले के साथ बद्रीनाथ यात्रा का आगाज हो गया है। जोशीमठ के नृसिंह मंदिर प्रांगण में तिमुंडिया मेले का आयोजन हुआ। पौराणिक काल से चली आ रही परंपरा आज भी उसी रूप में मनाई जा रही है।
उत्तराखंड में कोरोना केसों में लगातार इजाफा हो रहा है। चिंता की बात है कि सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण देहरादून में बढ़ा है। संक्रमण दर 10 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है।
Char Dham Yatra 2023: बीकेटीसी ने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में स्पेशल दर्शन की कीमत तय कर दी है। अब भक्तों को भगवान बद्री और केदार के दर्शन के लिए इतना भुगतान करना होगा।
Badrinath Dham Temple: जल्द ही बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं। इससे पहले हम आपको बद्रीनाथ मंदिर से जुड़ी कई बातें और मान्यताओं के बारे में बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं बद्रीनाथ धाम मंदिर के बारे में।
चार धाम यात्रा 2023: इस बार बिना QR Code के चार धाम यात्रा के लिए नहीं मिलेगी एंट्री। आपको इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जानिए रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस।
दोनों धामों के लिए श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन मंगलवार को शुरू हुआ और पहले दो दिनों में अब तक 61,250 लोग पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा शुरू करने की तारीखों की घोषणा शनिवार को की थी लेकिन जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राजमार्ग पर कई बड़ी दरारें फिर से दिखाई दी हैं। ऐसे में ये यात्रा कितनी सुरक्षित होगी, ये चिंता का विषय है।
केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल से खुल जाएंगे और भक्त भगवान का दर्शन कर सकेंगे। आज विधिवत इसका ऐलान किया गया। बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट 27 अप्रैल से खुल जाएंगे।
पुलिस प्रशासन की ओर से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पुराने ट्रैफिक प्लान को ही यथावत रखने का फैसला लिया है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम उत्तरकाशी जिले में स्थित हैं। गंगोत्री धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुल रहे हैं। गंगोत्री प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थल है। गंगोत्री नगर से 19 किमी दूर गोमुख है, जो गंगोत्री हिमानी का अन्तिम छोर है और गंगा नदी का उद्गम स्थान है।
मंदिर कमेटी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 27 अप्रैल को सुबह 7:10 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर में आयोजित समारोह में कपाट खुलने की तारीख की घोषणा हुई है।
जोशीमठ में नई दरारें पड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है। दरअसल ये नई दरारें बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर देखी गई हैं। इन्हें देखने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग डरे हुए नजर आ रहे हैं।
Joshimath: उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर को लेकर हिंदुओं की गहरी आस्था है। ऐसे में इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि लाखों सालों बाद बद्रीनाथ मंदिर जोशीमठ के करीब स्थापित हो जाएगा और फिर वही जगह भगवान विष्णु का स्थान होगा।
जोशीमठ में घरों, सड़कों और खेतों में दरारें लगातार बढ़ रही हैं। इतना ही नहीं यहां पर जमीन से अचानक पानी भी निकलने लगा है। इस बीच एक सदियों पुरानी भविष्यवाणी की चर्चा खूब हो रही है। आइए जानते हैं।
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