समीक्षा में कहा गया कि इस क्षेत्र के लिए सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था आपूर्ति श्रृंखलाओं की गंभीर बाधाओं के कारण सेमीकंडक्टर की भारी कमी का सामना कर रही है।
आर्थिक समीक्षा में उम्मीद जाहिर की गई है कि अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष के दौरान 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले सुधार का संकेत है।
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, सरकार के निरंतर प्रयासों से देश एक बार फिर दुनिया की सर्वाधिक तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, शीर्ष केन्द्रीय मंत्री और विभिन्न दलों के पहली दो पंक्तियों में बैठे सांसदों ने सामाजिक दूरी के नियम का पालन किया, लेकिन उनके पीछे की पंक्तियों में बैठे कई सदस्यों ने ऐसा नहीं किया।
आज से संसद के बजट सत्र की शुरआत हो गई है । बजट सत्र से पहले PM Modi ने मीडिया से बात की और बोले कि उन्हें उम्मीद है कि सत्र के दौरान खुले मन से चर्चा होगी .
कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होने के बाद से पद रिक्त था, जिसके कारण 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण इस वर्ष अपने एक-खंड के प्रारूप में आ सकता है।
बजट सत्र की शुरुआत आज 31 जनवरी को हुई। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का इकॉनमिक सर्वे या आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी। इकॉनमिक सर्वे के पेश होने के बाद आज शाम मुख्य आर्थिक सलाहाकार अनंत नागेश्वरन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
आज से बजट सत्र की शुरुआत होने जा रही है। बजट की शुरुआत राष्ट्रपति कोविंद के भाषण से होगी। लेकिन इस दौरान विपक्ष के हंगामे के पूरे आसार हैं .
बजट भाषण में सर्वाधिक शब्दः मनमोहन सिंह के 1991 में दिए गए बजट भाषण में कुल 18,650 शब्द थे।
डेलॉइट इंडिया के भागीदार गोकुल चौधरी ने कहा कि बजट से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जहां महंगाई के कारण खर्च करने योग्य आय पर असर पड़ा है।
बजट सत्र के पहले दो दिन शून्यकाल एवं प्रश्नकाल नहीं होंगे। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा बुधवार से शुरू होगी। ऐसी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात फरवरी को चर्चा का जवाब देंगे।
इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट में यह जानकारी भी दी जाती है कि मनी सप्लाई का ट्रेंड क्या है, इसके अलावा कृषि, औद्योगिक उत्पादन, बुनियादी ढांचा, रोजगार, निर्यात, आयात, विदेशी मुद्रा के मुद्दे पर अर्थव्यवस्था की वर्तमान हालत क्या है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, यह सप्ताह न केवल शेयर बाजार के लिए, बल्कि व्यापक रूप से अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
बजट के इतिहास पर नजर डालें तो ऐसे काफी सारे तथ्य हमारे सामने आएंगे जो देश के बदलते आर्थिक हालात बतलाते हैं।
मोदी सरकार के बीते 8 साल का रिकॉर्ड देखें तो सरकार ने कई परंपरों को तिलांजलि दी है। आइए जानते हैं बजट में हुए इन बदलावों के बारे में
इस बार वित्त मंत्री की बजट पोटली से पांच अहम सेक्टर को बंपर सौगात मिल सकती है। जिन सेक्टर को इस बार बजट में खास तवज्जो मिलने की उम्मीद है उनमें कृषि, रियल एस्टेट, ऑटो (ईवी), मैन्युफैक्चिरिंग और हेल्थकेयर शामिल है।
आम बजट से ठीक पहले मोदी सरकार ने डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन को चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर नियुक्त किया है। उन्होंने शुक्रवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।
बजट देश के संविधान का एक अहम हिस्सा है, लेकिन बजट के साथ कई परंपराएं भी जुड़ी होती हैं जिन्हें अक्सर हम नियम समझ लेते हैं।
बजट दस्तावेज में आम तौर पर संसद में किये जाने वाले वित्त मंत्री के भाषण, मुख्य बातें, वार्षिक वित्तीय विवरण, कर प्रस्तावों वाले वित्त विधेयक, वित्तीय विधेयक में प्रावधानों की व्याख्या करने वाला ज्ञापन और वृहत आर्थिक रूपरेखा ब्योरा शामिल होते हैं।
गैस उत्पादकों/आपूर्तिकर्ताओं को कई प्रकार के कर का सामना करना पड़ता है। प्राकर्तिक गैस पर कई राज्यों में बहुत अधिक वैट लगाया जाता है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़