राजपाल यादव कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं, क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें कोर्ट के वादों को तोड़ने के लिए 4 फरवरी, 2026 तक संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है।
पिछले साल दिसंबर के आखिर तक, दिल्ली की निचली अदालतों में चेक बाउंस के 4.54 लाख से अधिक मामले लंबित थे, जो उस समय कुल लंबित मामलों का 31% था। औसतन हर दिन 370 नए मामले दर्ज हो रहे हैं।
कोर्ट ने मामले को खींचने के लिए शिक्षा मंत्री के रवैये की भी आलोचना की। मंत्री ने मामले को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने जिला अदालतों में चेक बाउंस के लंबित पड़े 35 लाख से अधिक मुकदमों के तेजी से निपटान के लिए एक 'ठोस' और 'समन्वित' प्रणाली विकसित करने का निर्णय किया है।
शुक्ल ने कहा कि इस संशोधन विधेयक में प्रावधान किया गया है कि चेक बाउंस होने की स्थिति में आरोपी की तरफ से पहले ही चेक पर अंकित राशि की 20 फीसदी रकम अदालत में जमा करानी होगी।
चेक बाउंस को लेकर दिल्ली की एक अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। वॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव का चेक बाउंस होने पर दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उसे 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है और साथ में 1.6 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया है
वित्तीय लेन-देन के माध्यम के रूप में चेक की विश्वसनीयता बढ़ाने और चेक-बाउंस मामलों से प्रभावित छोटी और मझोली इकाइयों की मदद के लिए सरकार ने मौजूदा नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है।
दिल्ली एक अदालत ने दो करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में स्मार्टफोन फ्रीडम 251 बनाने वालों को तलब किया है। दावा किया गया है कि यह सबसे सस्ता फोन है।
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