आरोपी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है। पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी को सरकारी नौकरी से निकाला गया है। साथ ही मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने एक फर्जी डिग्री बनाने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इन अपराधियों के पास से 228 मार्कशीट, 27 सर्टिफिकेट समेत अन्य डॉक्यूमेंट्स को बरामद किया गया है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद आलम नाम का व्यक्ति है, जो 2012 में अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल के दिनहाटा आया था। इसके बाद वह गुजरात पहुंचा और अन्य बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से भारत में बसाने का धंधा शुरू किया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 फर्जी आधार कार्ड, एक कंप्यूटर और चार हार्ड डिस्क, एक कलर प्रिंटर और फिंगरप्रिंट स्कैनर, आठ मोबाइल फोन व सिम कार्ड और तकरीबन 20 हजार रुपए बरामद किए हैं।
श्री गीता माता मंदिर के पास नियमित गश्त के दौरान पुलिस टीम ने एक शख्स को रोका जिसने पूरन सिंह नाम बताया लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि उसका नाम मनीर हुसैन है। वहीं, बाण गंगा पुल के पास पुलिस ने साहिल खान को बिना किसी वैध लाइसेंस के पकड़ा।
मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर ने सर्जरी की थी और सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद जांच की गई और अब आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। जांच में पता चला कि डॉ एन जॉन केम का असली नाम नरेंद्र यादव है।
झुंझुनूं में एक महिला दारोगा को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को लिखे पत्र में वह संदेह के घेरे में आई और फिर पूरी पोल ही खुल गई।
मुंबई एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन में 7 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इन छात्रों ने एजेंट को 20 लाख रुपए दिए थे और फर्जी दस्तावेज भी बनवाए थे। ये सभी लंदन जा रहे थे।
महाराष्ट्र के नागपुर में फर्जी डॉक्टर मृत पिता की डिग्री पर इलाज कर रहा था। महानगरपालिका और पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है।
फर्जी कागजात के आधार पर वोटर आईडी कार्ड बनवाने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 771/24 दर्ज कर जांच शुरू की है।
सरकार ने एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। दूरसंचार विभाग ने इस बात की जानकारी दी है। यही नहीं, साइबर क्राइम में शामिल करीब 7 लाख मोबाइल नंबर भी ब्लॉक किए गए।
रसेश गुजराती साल 2002 से यह रैकेट चला रहा था। उसने लगभग 1200 लोगों को फर्जी डिग्री देकर डॉक्टर बनाया था। इनमें से एक डॉक्टर के इलाज से बच्ची की मौत हो गई थी, जिसके बाद बवाल हुआ था।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया। ये शख्स पिछले 26 वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत में रह रहा था।
नौकरी के नाम पर एक गजब के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें बेरोजगार युवक के नाम पर फर्जी कंपनी बना दी गई और 250 करोड़ रुपये से ज्यादा के GST की चोरी की गई है।
फर्जी दस्तावेजों से आईएएस बनने वाली पूजा खेडकर का किस्सा तो अभी आप के जेहन में ताजा होगा। एक ऐसा ही और मामला सामने आया है, जिसमें एक भारतीय छात्र ने उसी नक्शेकदम पर चलते हुए अमेरिका के विश्वविद्यालय में नौकरी हासिल कर ली। मगर अपनी एक गलती की वजह से पकड़ा गया।
ठाणे पुलिस अभी एक महिला की जांच में लगी हुई है जो पाकिस्तान से मुंबई लौटी है। पुलिस को उसपर जासूसी का शक है। अब इस मामले पर उसके पाकिस्तानी पति ने अपनी बात कही है।
ठाणे पुलिस एक 24 वर्षीय महिला के खिलाफ जांच कर रही है। हाल ही में वह पाकिस्तान से मुंबई लौटी है। पुलिस को शक है कि महिला ने जाली दस्तावेज़ की मदद से पाकिस्तान गई होगी।
IAS पूजा खेडेकर का नाम काफी चर्चा में हैं। महाराष्ट्र कैडर की अधिकारी पूजा पर एक के बाद एक कई बड़े आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि पूजा ने फर्जी सर्टिफिकेट की मदद से IAS की नौकरी ली है।
पूजा खेडेकर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए फर्जी दिव्यांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्र जमा किए थे।
सूरत पुलिस ने फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बाद में जिन और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया उन्हें लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाली 50 और वेबसाइटों का पता लगाया है, जिसे इन दोनों आरोपियों ने बनाई थी।
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