किसानों के संगठन ने सुप्रीम कोर्ट से संसद के पास जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने की अपील की थी।
टिकैत ने कहा, हमने तो सुप्रीम कोर्ट में अर्जी नहीं डाली है, जिसने याचिका डाली है वो बताए, हम नहीं जानते कि कोर्ट में याचिका डालने वाले कौन हैं।
जज ने याचिकाकर्ता को कहा है कि जब किसान कानूनों के विरोध में आपने कोर्ट में याचिका दाखिल कर ही दी है तो फिर विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की क्या वजह है।
केंद्र ने बृहस्पतिवार को पंजाब और हरियाणा में खरीफ धान की खरीद 11 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी क्योंकि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण फसल पकने में देरी हुई है।
एक तरफ तो हजारों लोग ट्रैफिक जाम में फंसकर दिक्कतें झेल रहे थे तो दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत चाय की चुस्कियां लेते हुए ब्रेकफस्ट कर रहे थे।
दीर्घकालीन कृषि ऋण 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की जाएगी।
अब सवाल यह उठता है कि अगर पंजाब की अकाली सरकार द्वारा बनाया गया कृषि कानून वाकई में किसानों के खिलाफ हैं, तो कांग्रेस की सरकार ने उन्हें रद्द क्यों नहीं किया?
राज्य में हरी मिर्च का ज्यादा उत्पादन होने से इसके थोक दाम गिर गए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में जब यह सूख कर लाल हो जाएगी तो किसानों को इसका बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
एनएसओ ने जनवरी-दिसंबर 2019 के दौरान देश के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की भूमि और पशुधन के अलावा कृषि परिवारों की स्थिति का आकलन किया। सर्वे के अनुसार कृषि वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) के दौरान प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय 10,218 रुपये थी।
किसान राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न बॉर्डर पर पिछले नौ महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी के लिए एक कानून बनाने की मांग पर अड़े हैं।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि ये कृषि सुधार कानून 30 साल की साधना एवं विमर्श के बाद लाए गए हैं।
जम्हूरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने इसकी पुष्टि करते हुए गुरुवार को कहा कि किसान संगठनों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है।
करनाल में मोबाइल इंटरनेट सेवा के निलंबन की अवधि बुधवार आधी रात तक बढ़ा दी। इससे पहले यह सेवाएं करनाल के अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और पानीपत में मंगलवार आधी रात तक के लिए निलंबित की गई थीं।
हरियाणा के करनाल में बड़ी संख्या में किसान जमा हुए हैं। किसानों की महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने उनसे बात भी की लेकिन किसान नेताओं और प्रशासन के बीच हुई बातचीत फेल रही है।
वहीं बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किे गए हैं। पर्याप्त फोर्स को तैनात किया गया है।
एक सरकारी बयान में सम्मेलन में तोमर के हवाले से कहा गया, ‘‘कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 5.5 करोड़ किसानों का डेटाबेस बनाया है और इसे राज्य सरकारों की मदद से दिसंबर 2021 तक बढ़ाकर आठ करोड़ किसान किया जाएगा।’’
केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले नौ माह से आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में 27 सितंबर को 'भारत बंद' का ऐलान किया।
मुजफ्फरनगर में रविवार को किसानों की महापंचायत हुई, जहां मंच से सियासी नारेबाजी हुई। किसान महापंचायत के मंच पर 'योगी भगाओ, यूपी बचाओ' और 'मोदी भगाओ, देश बचाओ' के नारे लगे।
किसानों को उद्यमी बनाने की उक्त योजना के तहत जल्दी ही प्रदेश के गांव-कस्बों में छोटे-छोटे उद्योग स्थापित किए जाने का सिलसिला शुरू होगा और इन उद्योगों में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बीजेपी की जनविरोधी और किसान विरोधी कार्यशैली से उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में जनता का हाल बेहाल हो रहा है।
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