ब्याज दरों में और ढील एक और उम्मीद है। ग्रामीण मांग बढ़ रही है, जबकि शहरी मांग थोड़ी स्थिर रही है, हालांकि यह भी कुछ तिमाहियों में बढ़ना शुरू हो जाएगी।
आईएमएफ ने कहा कि भारत का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। भारत सरकार द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था 2024-25 के दौरान 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।
2047 तक भारत जनसांख्यिकी के लिहाज से दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक होगा, जो समृद्धि की ओर अग्रसर होगा, जिसकी अनुमानित प्रति व्यक्ति आय लगभग 18,000 से 20,000 अमेरिकी डॉलर होगी।
एनसीएईआर ने कहा है कि खाद्य कीमतों पर काबू पाना एक चुनौती है। इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचे की जरूरत हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।
मॉर्गन स्टेनली इंडिया को भरोसा है कि मौजूदा सरकार अगले पांच वर्ष तक चलेगी। गठबंधन सरकार के सामने किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी। हमें लगता है कि आने वाले छह महीने में विदेशी निवेशकों की खरीदारी लौट आएगी।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा है कि मजबूत घरेलू गति उच्च खाद्य मुद्रास्फीति तथा कमजोर निर्यात से होने वाली बाधाओं की भरपाई करती दिख रही है।
डेलॉयट इंडिया का मानना है कि विकास दर को फेस्टिवल सीजन में खर्च बढ़ने और देश में अगले साल लोकसभा चुनावों के पहले सरकारी खर्च बढ़ने से सपोर्ट मिलेगा। भारत फिलहाल दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे और तेजी से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने भरोसा जताया है कि भारत 2020-21 से आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर लेगा।
एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने गुरुवार को राजकोषीय कमी की चिंताओं के कारण चालू वित्तीय वर्ष के लिए भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) ग्रोथ को 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 7.1 प्रतिशत रही, जो तीन महीने का निचला स्तर है।
वित्त वर्ष 2018-19 में भारत की वृद्धि दर के लिए अपने पहले के पूर्वानुमान को हल्का कम करने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत की वृद्धि दर भविष्य में काफी मजबूत रहेगी।
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