पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सिंधु जल संधि निलंबित कर दी और पाकिस्तानी विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान बिलबिलाया हुआ है। इस मुद्दे से जुड़े ताजा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।
भारत-पाकिस्तान के बीच 8 प्रमुख संधियों पर हालिया तनाव के चलते खतरा मंडरा रहा है। इन संधियों के टूटने से क्षेत्रीय अस्थिरता, परमाणु तनाव, आर्थिक नुकसान और मानवीय संकट जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
पहलगाम आतंकी हमले की चहुंओर निंदा हो रही है। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में क्या भारत पाकिस्तान की तरफ जा रही अपनी नदियों का पानी रोक सकता है और रोक दिया तो क्या होगा? जानें इस एक्सप्लेनर में...
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हमले में 26 आम नागरिक मारे गए थे। भारत ने आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है। अब पाकिस्तान ने क्या किया है वो भी जान लीजिए।
केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार उस देश के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है जो आतंकी समूहों को पनाह देता है।
भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित करके यह साफ कर दिया है कि अब खून और पानी साथ नहीं बह सकते।
भारत ने पहलगाम हमले के बाद 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है। पाकिस्तान को औपचारिक पत्र भेजकर इसकीदी गई। भारत ने संधि के उल्लंघन और सीमा पार आतंकवाद को लेकर यह निर्णय लिया है।
पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता को रोक दिया है। इससे परेशान पाकिस्तान शिमला समझौता रद्द करने की धमकी दे रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि स्थगित कर दी है और राजनयिक संबंध घटाने के साथ अन्य सख्त कदम उठाए हैं। सिंधु जल संधि के स्थगित होने से पाकिस्तान में जल, खाद्य और ऊर्जा संकट बढ़ सकता है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता को रोक दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं, क्या है सिंधु जल समझौता?
भारत ने साल की शुरुआत में पाकिस्तान को एक नोटिस जारी किया था। भारत ने इस नोटिस के माध्यम से सिंधु जल संधि में संशोधन की बात कही थी। 62 साल के इतिहास में यह पहली बार था, जब भारत ने सिंधु जल समझौते में संशोधन की मांग की थी।
सोमवार शाम को सिंधु जल आयोग पर बातचीत के लिए पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है।
जम्मू एवं कश्मीर पर भारत द्वारा लिए गए हालिया फैसलों पर बुरी तरह तिलमिलाए पाकिस्तान को अब नया डर सताने लगा है।
सिंधु जल समझौते के तहत ब्यास, रावी और सतलुज नदियों के पानी का नियंत्रण भारत और सिंधु, चेनाब और झलम नदियों के पानी का कंट्रोल पाकिस्तान को सौंप दिया गया।
नितिन गडकरी ने कहा कि उस पानी का बहाव बदलकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ा जाएगा।
नितिन गडकरी ने कहा कि जिन 3 नदियों का पानी पाकिस्तान को जा रहा है उसको यमुना में लाने की तैयारी हो रही है, उन्होंने कहा कि इसके बाद यमुना में पानी ही पानी होगा
सिंधु जल संधि पर यहां अहम उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत पूरी होने के बीच एक पाकिस्तानी अधिकारी ने आज कहा कि भारत ने चेनाब नदी पर अपनी दो पनबिजली परियोजनाओं पर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया है।
प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यभार संभालने के बाद पहली द्विपक्षीय वार्ता के तहत भारत और पाकिस्तान बुधवार को लाहौर में सिंधु जल संधि के विभिन्न आयामों पर फिर से अपनी बातचीत शुरू करेंगे।
दोनों देशों के बीच जल विवाद को लेकर हुई सचिव स्तर की बातचीत बिना किसी सहमति के खत्म हुई थी...
हालांकि विश्व बैंक ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण तरीके से हल निकालने के लिए पूरी निष्पक्षता से काम करना जारी रखेगा...
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