दुनिया के प्रतिष्ठित साहित्य के नोबेल पुरस्कार की भी घोषणा बृहस्पतिवार को कर दी गई है। यह पुरस्कार हंगरी के उपन्यासकार और पटकथा लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई को दिया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार पाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन पार्टी ने तो ट्रंप को 'द पीस प्रेसिडेंट' और 'द पीस मेकर' तक बता दिया है।
इस साल के रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भी नोबेल पुरस्कारों की घोषणा बुधवार को कर दी गई है। सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉब्सन और उमर एम याघी को यह पुरस्कार दिया गया है।
Nobel Peace Prize 2025: नोबल शांति पुरस्कार की घोषणा इस साल 10 अक्टूबर को की जाएगी। क्या इस बार अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप को यह पुरस्कार मिल जाएगा। चलिए इस बारे में जानते हैं।
भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो चुका है। वर्ष 2025 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार 3 वैज्ञानिकों जॉन क्लार्क, मिशेल एच डेवोरेट, जॉन एम मार्टिनिस दिया गया है।
चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो चुका है। इस साल ‘फिजियोलॉजी या मेडिसिन’ का नोबेल पुरस्कार मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन साकागुची को दिया गया है।
दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले नोबल पुरस्कारों की घोषणा अगले हफ्ते कर दी जाएगी। इस ऐलान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धड़कनें भी बढ़ गई होंगीं। ट्रंप आरंभ से ही इस पुरस्कार को पाने की लिए बेताब हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उतावले नजर आ रहे हैं। ट्रंप इसे पाने के लिए खुद अपना बयान कर रहे हैं। ट्रंप ने इसे अब अमेरिका की अस्मिता का सवाल बना दिया है।
पाकिस्तान ने आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नमक का कर्ज अदा कर दिया है। पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप को नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया। इसके साथ ही भारत को लेकर भी बयान दिया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार चाहिए तो उन्हें गाजा में चल रहे संघर्ष को सफलतापूर्वक रोकना होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें सात युद्धों को समाप्त करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से 60% संघर्ष व्यापार के कारण रोके गए।
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ की वजह डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी है, जो कश्मीर पर मध्यस्थता के भारत द्वारा इनकार से उपजी। भारत ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। इससे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका और रूस के बीच आगामी बैठक से पहले, पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को लेकर बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा, आसिम मुनीर सूट पहने ओसामा बिन लादेन हैं। इसके साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी बयान दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबल पुरस्कार पाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। वह लगातार भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने की जबरन क्रेडिट लेना चाह रहे हैं। जबकि पीएम मोदी उनके इस दावे को खारिज कर चुके हैं। मगर वह नोबल के लिए बेताब हैं।
डोनाल्ड ट्रंप को इजरायल-ईरान सीजफायर में ऐतिहासिक भूमिका निभाने पर 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। अमेरिकी सांसद बडी कार्टर और पाकिस्तान ने उनके कूटनीतिक प्रयासों की खुलकर तारीफ की है।
पाकिस्तान में नेता से लेकर आम लोग तक अपनी ही सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं। वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जाना। चलिए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर एक बार भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकवाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा। ट्रंप के बार-बार किए जा रहे इस दावे और पुरस्कार पाने की चाह से साफ हो गया है कि वह नोबेल के लिए ही जबरन क्रेडिट लेने के प्रयास में हैं।
पाकिस्तान भी ट्रंप के समर्थन में उतर आया है। पाकिस्तान सरकार ने 2026 के नोबल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नाम प्रस्तावित किया है।
मैरी क्यूरी एक महान वैज्ञानिक थीं जिन्होंने रेडियोधर्मिता और रेडियम की खोज से चिकित्सा और विज्ञान में क्रांति ला दी थी। उनके योगदान के कारण उन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला।
होमी जहांगीर भाभा और लाल बहादुर शास्त्री की मौत 15 दिन के अंतराल में हुई थी। पत्रकार ग्रेगरी डगलस ने किताब 'कन्वरसेशन विद द क्रो' में दावा किया गया था कि होमी भाभा और शास्त्री की मौत में सीआईए का हाथ था। हालांकि, इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहते हैं।
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